
जमशेदपुर : कोरोना संकट अभी भी देश में कोहराम मचा रहा है. झारखंड में धीरे- धीरे कोरोना का तांडव जोर पकड़ने लगा है, लेकिन जमशेदपुर की स्थिति देखकर ऐसा नहीं लग रहा है, कि लौहनगरी के लोगों कहीं से भी कोराना को लेकर खौफजदा है. भले देश में लॉडाउन का दूसरा चरण शुरू हो चुका है, लेकिन जमशेदपुरवासियों को इस अंजान खतरे के प्रति लापरवाह देखकर रूह कांप उठता है. झारखंड सरकार के साथ तमाम कोरोना वारियर्स झारखंड में बढ़ते खतरे को लेकर खौफजदा है, लेकिन जमशेदपुर के प्रमुख बाजारों की स्थिति निश्चित तौर पर आपको सोचने को विवश कर देगी. इन तस्वीरों में आप साफ देख सकते हैं, ये नजारा है, जमशेदपुर के बारीडीह बाजार का.

जहां सुबह के वक्त अचानक बाजार में मछली खरीदनेवालों की भीड़ उमड़ पड़ी, और देखते ही देखते लॉकडाउन की धज्जियां उड़ने लगी. वैसे स्थानीय व्यवसाइयों और बुद्धिजीवियों ने काफी प्रयास किया लोगों को समझाने का लेकिन लोग न जाने क्यों समझने को तैयार नहीं दिखे. वहीं अंत में सिदगोड़ा थाना पुलिस ने मोर्चा संभाला जिसके बाद लोग भागने लगे. अब सवाल ये उठता है, कि क्या पुलिस- प्रशासन की सख्ती के बाद ही लोग घरों से बाहर नहीं निकलेंगे ? वहीं इस दौरान सामाजिक दूरी का कहीं से भी पालन नहीं किया जा रहा था. वैसे इश्वर का लाख- लाख शुक्र है, कि जमशेदपुर अभी ग्रीन जोन में चल रहा है, लेकिन थोड़ी नासमझी और लोगों की हठदर्मिता कहीं पूरे शहर को मरघट में न तब्दील कर दे. वैसे पूरे झारखंड में जमशेदपुर ही एक एसा जिला है, जहां सबसे ज्यादा लॉकडाउन उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है, फिर भी न जाने क्यों लोगों में पुलिस- प्रशासन और इस अंजान खतरे के प्रति भय नहीं है.







