
चाईबासा : कोरोना वायरस से बचाव को लेकर देश में लगे लॉक डाउन के दौरान राज्य भर में मजदूरों को रोजगार देने की कवायद शुरू कर दी है. वहीं राज्य सरकार के निर्देश पर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने 4000 एकड जमीन पर मनरेगा के तहत बागवानी को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है. जिले के सभी 18 प्रखंडों में 200 एकड जमीन को चिन्हित किया जा रहा है, जहां बागवानी की जाएगी. इसके लिए डीडीसी आदित्य रंजन जिले के सभी बीडीओ के साथ जमीन की तलाश में जुटे हैं. इस बागवानी में विभिन्न तरह फलों का उत्पादन करना है,जिसमें केला, पपीता, कटहल, आम, अमरूद जैसे फल शामिल हैं.

डीडीसी ने बताया कि कोरोना बंदी में जिले के मजदूरों के पास काम नहीं हैं, फिर बडी संख्या में बाहर से मजदूर घर वापसी कर रहे हैं. उनके पास भी रोजगार नहीं होगा. ऐसे में उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए स्वावलंबी बनाने पर जोर देना सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता है. मनरेगा के तहत बागवानी सबसे अचछा विकल्प है. डीडीसी ने बताया कि जिले में आज भी हजारों एकड़ जमीन खाली पडी है, जहां किसी तरह की कोई खेती या बागवानी नहीं होती है. इन खाली जमीनों पर बागवानी कर गांव के लोगों को रोजगार से न सिर्फ जोड़ा जा सकता है, बल्कि स्थायी रूप से उन्हें स्वावलंबी बनाया जा सकता है. इससे जो मजदूर बाहर मजदूरी करते थे, उन्हें दोबारा राज्य के बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.















