
चाकुलिया : बहरागोड़ा विधान सभा क्षेत्र धान की खेती के लिए प्रसिद्ध है. इस क्षेत्र को धान की कटोरा कहा जाता है, परंतु इस वर्ष अम्फान तूफान और बेमौसम बरसात ने किसानों की कमर तोड़ दी है. बरसात होने से किसानों द्वारा काटे गये गरमा धान खेतों में ही रह जाने से अब धान की बालियों से अंकुर निकलने लगा है. इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है. चाकुलिया प्रखंड के मुढ़ाल गांव के आस-पास किसानों ने उधार लेकर और मोटर पम्प चलाकर कई बीघा जमीन पर गरमा धान की खेती की थी.
किसान बिंदु बागाल ने कहा कि वह एक बीघा जमीन भाग पर लेकर गरमा धान की खेती किया था परंतु वर्षात ने उसकी मेहनत पर पानी फेर दिया है. कहा कि तूफान के पूर्व वह खेत में तैयार फसल को काट लिया था परंतु अपनी फसल को खलिहान तक नही ले जा पाने के कारण फसल खेत में रह गया. कहा तूफान में हुई वर्षा और अब हो रही वर्षा से खेत में पड़ी धान भींग जाने से धान की बालियों में अंकुर निकलने लगा है, इससे उसे काफी नुकसान हुआ है. बिंदु बागाल ने कहा कि उसके आलावे अन्य किसानों को भी नुकसान हुआ है.







