
Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिला कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) कार्यालय के द्वारा जिला अंतर्गत खूंटपानी प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को कृषक प्रक्षेत्र पाठशाला अंतर्गत फसल आधारित कृषि प्रणाली के माध्यम से एक वर्ष में एक ही खेत से दो फसल प्राप्त करने की पद्धति की जानकारी सहायक तकनीकी प्रबंधक के द्वारा दी गयी। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन धान योजना अंतर्गत किसानों को उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिसके तहत वर्तमान में प्रथम फसल के तौर पर धान लगाया जा रहा है तथा पद्धति के अनुसार इसी क्षेत्र में इसी वर्ष दूसरी फसल के रूप में दलहन अंतर्गत शामिल खाद्यान्न अनाज की खेती की जाएगी।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए आत्मा कार्यालय के उप परियोजना निदेशक अजीत कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में जिला में प्रचलित मोनोक्रॉपिंग (एक वर्ष में एक खेत में एक फसल लगाना) तकनीकी के स्थान पर फसल आधारित कृषि पद्धति से खेती करने से किसानों को एक वर्ष में एक खेत से दो फसल प्राप्त होगा और उनके आय को दोगुना करने में व्यापक प्रभाव डालेगा। उन्होंने बताया कि कृषक प्रक्षेत्र पाठशाला अंतर्गत किसानों को उनके ही खेत पर उनके द्वारा किए जा रहे कृषि कार्य में तकनीकी सहयोग प्रदान करते हुए आज प्रथम चरण अंतर्गत धान रोपने की सही तकनीक कि जानकारी दी गई है तथा दूसरे चरण के तहत किसानों को फसलों को कीडों तथा अन्य रोग से बचाने की जानकारी एवं तीसरे चरण के तहत लगाए गए तैयार फसल के कटनी के साथ-साथ इसी वर्ष दुसरे फसल के रूप में दलहन फसल लगाने की जानकारी भी किसानों को आगे उपलब्ध करवाई जाएगी।







