
जमशेदपुर : जमशेदपुर को इंडस्ट्रियल टाउन या नगर निगम बनाने को लेकर झारखंड सरकार ने कार्यवाही को आगे बढ़ाया है. इसके तहत शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मसले को लेकर नगर विकास विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. इस बैठक में वैसे तो रांची के स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर भी चर्चा हुई, लेकिन इस दौरान इंडस्ट्रियल टाउन या नगर निगम बनाने को लेकर समीक्षा खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की. इस मसले को लेकर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय पिछले दिनों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मिले थे, जिसके बाद उन्होंने भरोसा दिलाया है कि मसले को लेकर वे लोग बातचीत करेंगे. इसको देखते हुए रांची में सीएम ने समीक्षा बैठक की. आपको बता दें कि जमशेदपुर के समाजसेवी जवाहरलाल शर्मा ने एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की है, जिसमें उन्होंने नगर निगम बनाने की मांग की थी. इस मांग के बाद सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने यह कहते हुए केस वापस ले लिया था कि टाटा स्टील और राज्य सरकार मिलकर मसले को हल कर लेंगे. लेकिन जब फैसला नहीं हुआ तो फिर से जवाहरलाल शर्मा कोर्ट पहुंचे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

अंतत: शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने पहली बार इस मसले को देखा. इस दौरान यह तय हुआ कि टाटा लीज समझौता के वक्त अगस्त 2005 में टाटा लीज से करीब 1600 एकड़ जमीन को लीज से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद नगर निगम और इंडस्ट्रियल टाउन के विवाद के बीच तय हुआ था कि टाटा कमांड एरिया को इंडस्ट्रियल टाउन बना दिया जायेगा जबकि गैर टाटा कमांड एरिया को नगर निगम बनाया जायेगा. इसको लेकर विकास आयुक्त की अध्यक्षता में 2015 में कमेटी की रिपोर्ट का भी समीक्षा की गयी. 2017 में इस मसले पर टाटा स्टील से पूछा गया था कि क्या करना टाटा स्टील चाहती है, लेकिन इसका जवाब दाखिल नहीं हुआ और अंतत: मसला फिर से ठंडा बस्ते में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास की सरकार ने डाल दिया. अब फिर से इसको लेकर वार्ता हुई और तय किया गया कि जो टाटा लीज से बाहर हुआ 1600 एकड़ जमीन है, उसको मिलाते हुए टाटा कमांड एरिया के सारे इलाके को मिलाकर इंडस्ट्रियल टाउन बनाया जायेगा. इसके अलावा यह भी तय किया गया कि टाटा स्टील से यह पूछा जायेगा कि टाटा स्टील से जो सवाल पूछे गये थे, वह जवाब क्यों नहीं दिया गया और इंडस्ट्रियल टाउन को चलाने के लिए टाटा स्टील का क्या ब्लूप्रिंट होगी. इसको लेकर इसके बाद फिर से बैठक होगी, जिसमें सारे मुद्दे पर चर्चा की जायेगी.






