
तमाड : झारखंड सरकार की ओर से तमाड़ स्थित दिवड़ी मंदिर का अधिग्रहण नहीं किया गया है और न ही आदिवासियों के अधिकारों का किसी प्रकार हनन किया जा रहा है. इस आशय की जानकारी स्थानीय प्रखंड सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुण्डू के एसडीओ उत्कर्ष गुप्ता ने दी. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि दिवड़ी मंदिर का अधिग्रहण किसी भी हालत में नही किया गया है. उन्होंने कहा कि मंदिर में पूजा जैसे की जा रही थी, वैसे ही होगी. मंदिर में चली आ रही पारंपरिक रीति-रिवाज में कोई बदलाव नही किया गया है. उन्होंने कहा कि काफी दिनों से दिवड़़ी मंदिर का विकास करने की बात कही जा रही है. मगर कुछ लोगों द्वारा इस पर आपत्ति की जा रही है. दान पेटी को लेकर पैसों के दुरुपयोग को लेकर ग्रामीणों की ओर से अनेक बार आपत्ति जतायी जा चुकी है. इस संबंध में पिछले 12 अक्टूबर को बैठक की गई थी. उक्त बैठक का उद्देश्य दिवड़़ी मंदिर प्रबंधन समिति का पुनर्गठन था, जिसमे मंदिर के मुख्य पुजारी, पाहन, सांसद प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे. बैठक में विचार किया गया कि दिवड़ी मंदिर के सफल संचालन के निमित्त विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 आगामी दुर्गा पूजा, नवरात्र एवं बढ़ती मान्यता को देखते हुए मंदिर प्रबंधन समिति का गठन करना अनिवार्य हो गया है. इसके बाद समिति का पुनर्गठन किया गया. नवगठित दिवड़ी मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बुण्डु के एसडीओ तथा तमाड़ अंचल के अंचलाधिकारी सचिव, मुख्य
पुजारी कोषाध्यक्ष, मुख्य पाहन उप कोषाध्यक्ष के अलावे प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी, तमाड़ राजा सत्येन्द्र नाथ शाहदेव, ग्राम प्रधान देवड़़ी, जिला परिषद सदस्य तमाड़, मघ्य, आमलेशा पंचायत के मुखिया और सरंपच के अलावे सांसद तथा विधायक प्रतिनिधि भी कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शामिल किये गये हैं. प्रेस वार्ता में अनुमंडलाधिकारी श्री गुप्ता ने कहा कि देवड़़ी मंदिर प्रबंधन समिति का निबंधन जरूरी होगा. दान पेटी के पैसा को बैक में जमा कराना होगा. मंदिर का खाता अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, उप कोषाघ्यक्ष द्वारा संचालित किया जाऐगा. दान पेटी एवं अन्य प्राप्त राशि के आय व्यय संबंधी खाता पुस्तिका का संधारण संयुक्त रूप से कोषाध्यक्ष एवं तमाड़ अंचल के नाजिर द्वारा किया जाएगा. दान के पैसे से पूरे मंदिर का विकास किया जायेगा. इसमें कहीं कोई राजनीति नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर के अधिग्रहण की बात पूरी तरह अफवाह है और इस प्रकार की अफवाहों से बचना आवश्यक है.














