
जमशेदपुर : झारखंड सरकार द्वारा आदित्यपुर, मानगो, गोविंदपुर, बागबेड़ा को मिला कर जमशेदपुर को औद्योगिक नगर बनाये जाने के निर्णय का भाजपा नेता अभय सिंह ने विरोध किया है. उन्होंने कहा है इस संबंध में जिले के उपायुक्त व सरकार के सचिव द्वारा दिये गये प्रस्ताव का भी वह विरोध करते हैं. अभय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार को जनता को पहले यह बताना चाहिए कि औद्योगिक नगर बनने से यहां की जनता को क्या फायदा होगा. जमशेदपुर की जनता औद्योगिक नगर और नगर निगम के प्रस्ताव के बीच पीस रही है. ऐसे में जनता को नगर निगम के फायदे भी बताना चाहिए. उसके बाद जनता के निर्णय के अनुसार यह तय किया जाना चाहिए कि जमशेदपुर को औद्योगिक नगर बनाया जाये या नहीं. (आगे की खबर नीचे पढ़ें)
उन्होंने कहा कि यदि जमशेदपुर नगर निगम बनता है तो आदित्यपुर, मानगो, गोविंदपुर व बागबेड़ा में स्मार्ट सिटी योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर वहां की जनता को सुविधाएं मुहैया करायी जा सकती है. दूसरी ओर उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन सरकार के द्वारा 1700 एकड़ भूमि को टाटा लीज से अलग कर 86 बस्तियों के मामले में एक कदम आगे बढ़ाया गया था. बंदोबस्ती भी हुई थी. अब यदि सरकार उस 1700 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लेती है, तो उस बंदोबस्ती का क्या होगा. 86 बस्तियों के लोगों द्वारा किये गये आंदोलन का क्या होगा. मंत्री बन्ना गुप्ता को आड़े हाथों लेते हुए अभय सिंह ने कहा कि वह औद्योगिक नगर के खिलाफ आंदोलन की बात कर रहे हैं. जबकि उन्हें आंदोलन की बात करने के बजाये मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह सब जनता की आंखों में धूल झोंकने के अलावा कुछ नहीं है. यदि औद्योगिक नगर बना, तो इसके खिलाफ भाजपा सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी.







