जमशेदपुर : सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले हटाए गए आउटसोर्स कर्मियों ने शुक्रवार को झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से कदमा स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की और उनसे वापस काम पर रखने की गुहार लगाई है. स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि हटाए गए आउटसोर्स कर्मी चरणबद्ध तरीके से समायोजित किए जाएंगे. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया कि कोरोना काल के संकट की घड़ी में अपनी जान जोखिम में डालकर अस्पतालों में कर्मियों ने काम किया है.
स्वास्थ्य सचिव से वार्ता हुई है इस मुद्दे पर फैसला लेते हुए चरणबद्ध तरीके से हटाए गए सभी कर्मियों को समायोजित किया जाएगा. ( आगे की खबर नीचे पढ़ें)
इधर स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात करने के बाद धरना बैठे आउटसोर्स कर्मियों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त कर दिया है. गौरतलब है कि झारखंड के स्वास्थ्य सचिव द्वारा आउटसोर्स कर्मियों की संख्या को कम करने को लेकर आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत पूर्वी सिंहभूम जिला में 157 आउटसोर्स कर्मियों को हटाने का नोटिस दिया गया जिसे खिलाफ हटाए गए आउटसोर्स कर्मी सदर अस्पताल परिसर में सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना पर बैठ गए थे.








