
रांची : झारखंड बार काउंसिल ने राज्य भर के वकीलों को प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए और समय दिया है. झारखंड के करीब 30 हजार वकील निबंधित हैं, जिसमें अभी तक सिर्फ 19 हजार ने ही अपने प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया है. वकीलों को 15 नवंबर तक ब्योरा देने का अंतिम अवसर दिया गया था. इसके पूर्व भी दो बार तिथि बढ़ायी गई थी. बार काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि इस बार अंमित रूप से 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है. इसके बाद अब किसी भी स्थिति में तिथि नहीं बढ़ायी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल के वेरिफिकेशन रूल्स 2015 के तहत सभी बार काउंसिल को वकीलों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन को अनिवार्य कर दिया है. इसके बाद सभी बार काउंसिल प्रमाणपत्रों का सत्यापन करा रही हैं. बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी राज्य के सभी वकीलों को अपने प्रमाणपत्रों को सत्यापन कराने का निर्देश दिया था. लेकिन 12 हजार वकीलों ने इसके लिए फॉर्म नहीं भरा है. सभी वकीलों को अपने प्रमाणपत्रों के साथ एक फॉर्म भर कर देना होता है. फिर बार काउंसिल संबंधित विश्वविद्यालय और संस्थानों में प्रमाणपत्रों को जांच के लिए भेजता है. सत्यापन पूरा होने के बाद वकील को काउंसिल के सभी कार्यक्रमों में शामिल होने की छूट मिलती है. साथ ही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ और काउंसिल के चुनाव में भाग लेने की अनुमति मिलती है.






