जमशेदपुर : जमशेदपुर डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा का परिचय देते हुए स्पाइन टीबी से पीड़ित मरीज को नया जीवन दिया है. आजाद नगर निवासी मो. फारुक अंसारी, जो पिछले दो वर्षों से इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, अब सफल सर्जरी और उपचार के बाद सामान्य जीवन जी रहे हैं. स्पाइन टीबी के कारण फारुक की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी. वे चलने-फिरने और दैनिक कार्य करने में भी असमर्थ हो गए थे. बेहतर इलाज की तलाश में उन्होंने कई अस्पतालों का रुख किया, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उपचार संभव नहीं हो सका. ऐसे में उन्होंने एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में संपर्क किया. विभागाध्यक्ष डॉ याकूब सांगा के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने उनकी जांच कर इलाज शुरू किया. (नीचे भी पढ़ें)
करीब पांच महीने पहले आर्थोपेडिक सर्जन डॉ विभाष चंद्रा और उनकी टीम ने उनकी सफल स्पाइन सर्जरी की. ऑपरेशन के बाद लगातार चिकित्सकीय निगरानी और उपचार के परिणामस्वरूप अब फारुक बिना किसी सहारे के चल-फिर रहे हैं और अपने सभी दैनिक कार्य स्वयं कर रहे हैं. गुरुवार को फारुक एमजीएम अस्पताल पहुंचे और अधीक्षक डॉ बलराम झा, विभागाध्यक्ष डॉ याकूब सांगा, डॉ विभाष चंद्रा, डॉ भास्कर तथा हड्डी रोग विभाग की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया. भावुक होकर उन्होंने कहा, “अगर एमजीएम अस्पताल नहीं होता, तो शायद मुझे दूसरी जिंदगी नहीं मिलती। यहां के डॉक्टरों ने मुझे नया जीवन दिया है.” यह सफलता एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के हड्डी रोग विभाग की विशेषज्ञता और समर्पित चिकित्सा सेवा का प्रमाण है. साथ ही यह भी दर्शाती है कि सरकारी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक और अनुभवी चिकित्सकों की बदौलत गंभीर एवं जटिल बीमारियों का





