जमशेदपुर : झारखंड में सत्ता बदलते ही वैसे सरकारी एवं निजी कंपनी, जिन्होंने यहां के आदिवासियों-मूलवासियों की जमीन के एवज में नौकरी दिए जाने की घोषणा के बाद भी नौकरी नहीं दी है, उसके खिलाफ अब सत्ताधारी दल झामुमो ने मोर्चा खोल दिया है. शुक्रवार को जमशेदपुर के 3 झामुमो विधायकों ने बैठक कर जादूगोड़ा स्थित यूसिल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 5 दिसंबर तक का अल्टीमेटम जारी किया है. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने ऐलान कर दिया है कि अगर 5 तारीख तक आदिवासियों-मूलवासियों एवं विस्थापितों से ली गयी जमीन के एवज में यूसिल प्रबंधन उन्हें नौकरी नहीं देता है, तो 6 तारीख से यूसिल की सभी 4 खदानों में काम पूरी तरह से बंद करा दिया जाएगा. साथ ही यूसिल प्रबंधन के खिलाफ चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा. इसकी जानकारी घाटशिला विधायक सह जमशेदपुर महानगर झामुमो अध्यक्ष रामदास सोरेन ने दी. उन्होंने झारखंड की सभी कंपनियों को चेतावनी देते हुए आदिवासियों-मूलवासियों से ली गयी जमीन के एवज में उन्हें नौकरी दिए जाने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि आदिवासियों-मूलवासियों के नाम पर राज्य में राजनीति बहुत हो चुकी है. अब उनके हक की आवाज बुलंद की जाएगी.







