
रांची : झारखंड विधानसभा में कानून व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा हुआ. रांची में चैन स्नैचरों द्वारा छिनतई करने और पुलिस पदाधिकारी को गोली मारने के मामले को लेकर पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने जोरदार तरीके से उठाया. पूर्व मंत्री और रांची के भाजपा विधायक सीपी सिंह ने सदन में कहा कि अपराधियों, चोर, डकैत, गुंडे बोल रहे है कि हेमंत है तो हिम्मत है. अपराधियों के बीच यह नारा गुंज रहा है. पुलिस कानून व्यवस्था का आज्ञाकारी होना चाहिए, लेकिन झारखंड की पुलिस सत्ता की आज्ञाकारी हो गयी है और बालू उठाने में पुलिस व्यस्त है. इस पर कांग्रेस के विधायक अनूप सिंह ने पहले हमला बोला और कहा कि अनुराग गुप्ता किसके आज्ञाकारी अफसर थे. इस बीच झामुमो के जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी ने भी सीधी टक्कर सिंह को दी और कहा कि कदमा थानेदार को धकिया कर पूर्व सीएम अपराधी को हाजत से छुड़ाकर लेकर चले गये थे. इसके ठीक बाद राज्य के मंत्री और कांग्रेस के विधायक बन्ना गुप्ता ने सदन में कहा कि भाजपा कुछ नहीं कह सकती है. भाजपा के मुख्यमंत्री रघुवर दास के रहते हुए कदमा थाना से थानेदार को धक्का देकर अपने साथी अपराधी को छुड़ाकर ले गये थे, जो केस अब भी लंबित है. इसी का जवाब देते हुए बन्ना गुप्ता ने फिर कहा कि सब जानते है कि आदित्यपुर थाना में मुख्यमंत्री रघुवर दास के चहेते लोग आपराधिक गतिविधियों में शामिल लड़कों को लेकर चले गये थे, जिसको लेकर पुलिस कुछ नहीं की थी. इस पर सीपी सिंह ने कहा कि वे पिछली सरकारों में सब सही था, ऐसा वे नहीं बोल रहे है. उन्होंने कहा कि वे हां में हां मिलाने वाले नहीं है. इसको लेकर जोरदार बहस हो गयी. सीपी सिंह ने आरोप लगाया कि उनके मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल सरकार ने निकलवाया है. आयरन हैंड वाले डीजीपी का हाथ कहां गया है. इस दौरान सीपी सिंह ने सदन में कहा कि पुलिस को मास्क चेकिंग में लगा दिया गया है. कॉमन मैन का मास्क पर जुर्माना लगाया जा रहा है जबकि खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत तमाम मंत्री और अन्य विधायक बिना मास्क के ही सदन में आ जा रहे है. उन्होंने सीसीटीवी देखकर सदन में बिना मास्क के आने वाले मुख्यमंत्री समेत तमाम लोगों पर मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना लगाने की मांग की.



