
रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल की पत्नी ऋचा संचिता को सरकारी वकील बनाने के खिलाफ जांच के आदेश दे दिये गये है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सारे मामले की जांच के आदेश दिये है. विधायक बंधु तिर्की के एक सवाल के जवाब में राज्य सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने यह जानकारी दी. विधायक बंधु तिर्की ने कहा कि कोर्ट में लगभग 150 सरकारी स्वायत्त बॉडी है, जिसमें से 80 फीसदी निकायों का जिम्मा सिर्फ दो वकीलों की है, जिसमें एक सुनील वर्णवाल की पत्नी ऋचा संचिता को और पूर्व मुख्य सचिव अशोक कुमार सिंह को दी गयी है. इस मामले में बंधु तिर्की ने जानकारी दी कि एपीपी के पद पर 7 साल का प्रैक्टिस होने वाले को ही बहाल करने का प्रधान है, लेकिन ऋचा संचिता इस अहर्ता को पूरा नहीं करती है. उन्होंने विधानसभा में कहा कि कोई सुनील वर्णवाल था, उसी की पत्नी है, ऐसा लोगों ने बताया है. इस बीच राज्य के भाजपा विधायक अमर बाउरी के सवाल का जवाब देते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने सवाल का जवाब दिया कि स्वास्थ्यकर्मियों ने जैसे कोरोना में काम किया है, वह तारीफ के काबिल है. ऐसे लोगों को एक माह का अतिरिक्त मानदेय दिया जायेगा.






