
रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने आदित्यपुर में संचालित 111 सेव लाइफ नर्सिंग होम के संचालक के रवैये को गैर जिम्मेदाराना ठहराते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने ऐसे नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि आदित्यपुर के 111 नर्सिंग होम के संचालक को यह नहीं भूलना चाहिए कि वे कानून से ऊपर नहीं है। मंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गयी जांच टीम को दौड़ा-दौड़ कर पीटने और मंत्री तथा अधिकारियों को कूटने की बात करने वाले संचालक के खिलाफ आपदा कानून और भादवि की विभिन्न धाराओं के तहत तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।
आलोक कुमार दूबे ने मांग की है कि 111सेव लाइफ नर्सिंग होम की कारगुजारियों की पूरी तरह से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब जिले के सिविल सर्जन अपनी टीम के साथ नर्सिंग होम पहुंचे और दस्तावेज दिखाने की मांग की, तो संचालक द्वारा इंकार कर दिया जाना यह बताता है कि कहीं न कहीं वहां बड़ी गड़बड़ी हो रही है और ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। आलोक दूबे ने कहा हमारा समाज डॉक्टरों को भगवान का दर्जा देता है और कोरोना काल में डॉक्टर के कार्यों के प्रति कांग्रेस पार्टी हमेशा कृतज्ञता प्रकट करती है लेकिन एक संचालक के द्वारा इस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग कहीं से भी उचित नहीं है।(नीचे भी पढ़े)
दूसरी ओर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष बिजय खाॅ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री बन्ना गुप्ता के प्रति अपशब्दों के पराकाष्ठा को पार करने वाले संचालक के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए। जो व्यक्ति लोकतंत्र को गाली गलौज के लहजे में अपने शब्दों को व्यक्त करें, वह व्यक्ति समाज के लिए हानिकारक होता है। साथ ही 111 सेव लाईफ नर्सिंग होम के क्रियाकलापों की जाँच होनी ही चाहिए। अब तक उक्त नर्सिंग होम में जितने लोग का ईलाज हुआ है। उन परिवारों से भी पता लगा कर प्रशासन को न्याय दिलाना चाहिए। आखिर सेवा देने वाला संचालक इतना घमंडी कैसे हो सकता है। याद रखना चाहिए कि यह गठबंधन की सरकार है। कोई भी गलत करने के योजना को सफलीभूत नही कर सकता है। जबकि केन्द्र सरकार द्वारा कम संसाधन दिये जाने के बावजूद भी राज्य के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता दिन रात मेहनत कर सवा तीन करोड़ जनता को महामारी से बचाने में लगे हुए है। हर हाल में अभद्रता करने वाले संचालक के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही करते हुए उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित किया जाए।



