
जमशेदपुर : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर झारखंड 37 बटालियन एनसीसी, एबीएम कॉलेज एवं पर्यावरण संरक्षण और विकास को समर्पित संस्था “पर्यावरण पहल” के संयुक्त तत्वाधान में ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसका विषय था “पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका”। कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की मुख्य अध्यक्ष सह महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ मुदिता चंद्रा ने अतिथियों एवं वक्ताओं का स्वागत कराते हुए किया। साथ ही उन्होंने अपने उद्बोधन में पर्यावरण दिवस की प्रासंगिकता एवं इस पर होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों से महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को अवगत कराया। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक ओड़िया विभागाध्यक्ष सह एनसीसी अधिकारी मेजर डॉ बीबी भुईयां ने विषय प्रवेश कराते हुए बङे ही सारगर्भित ढंग से कार्यक्रम की पृष्ठभूमि सबों के समक्ष रखी। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि एनसीसी, एबीएम कॉलेज की ओर से पर्यावरण ही नहीं अपितु प्रत्येक अवसर पर औषधि एवं फलदार वृक्षों का रोपण किया जाता है। महाविद्यालय परिसर का हरित परिवेश इस बात की भली-भांति पुष्टि करता है। मुख्य वक्ता “पर्यावरण पहल” संस्था के मुख्य संयोजक सह खादी ग्रामोद्योग, भारत सरकार के सदस्य सह कोल्हान विश्वविद्यालय सिंडिकेट सदस्य मनोज कुमार सिंह ने जीवन के छोटे-छोटे उदाहरणों से बङे ही व्यवहारिक ढंग से पर्यावरण के संरक्षण की बात बतलाई। इस अवसर पर उन्होंने ऊर्जा संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण एवं न्यूनतम से न्यूनतम कार्बन उत्सर्जन की विधा भी बतलाई। (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनसीसी प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार ने बड़े ही सरलता पूर्वक नदियों को जल प्रदूषण मुक्त एवं जल संरक्षण के बात पर प्रकाश डालते हुए तमाम तरह के प्रश्नों यथा मृदा, वायु, ध्वनि इत्यादि को कम से कम प्रदूषित करने हेतु संकल्प दिलवाया। मैथिली विभाग के अध्यक्ष एनएसएस पदाधिकारी सह कोल्हान विश्वविद्यालय शाखा संयोजक डॉ आरके चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम को बारंबार कराने की बात कही। कार्यक्रम को तकनीकी सहायता भूगोल विभाग के प्राध्यापक भवेश कुमार ने प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान कई गणमान्य लोग जैसे टाकू अध्यक्ष डॉ राजेंद्र भारती, करीम सिटी कॉलेज एनसीसी से डॉ फर्कउद्दीन, डॉ० बिंदु पाहन, नवनीत कुमार सिंह एवं बड़ी संख्या में महाविद्यालय अथवा बाहर के एनसीसी कैडेट एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।





