
रांची : विगत डेढ़ साल पूरे देश-दुनिया के लिए चुनौतीपूर्ण रहा. उद्योग जगत में अभी भी कुछ चिंताएं हैं. लगभग डेढ़ वर्ष से देश-दुनिया सहित हमारे राज्य में भी गतिविधियां थम सी गई हैं. उन राज्यों में समस्या अधिक रहा जहां संसाधन सीमित हैं. संक्रमण काल में जब लोग अपने-अपने घरों पर बंद थे, तब राज्य सरकार लगातार चिंतन और मंथन में लगी थी. लॉकडाउन रूपी बादल जैसे-जैसे छटने लगे वैसे ही हमारी सरकार ने गतिविधियों में तेजी लाने का निरंतर प्रयास किया. यहां एक मंच से दो हजार लोगों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है. यह संक्रमण काल में की गई तैयारियों का उदाहरण है. राज्य सरकार की यह प्राथमिकता रही थी कि जैसे ही लॉकडाउन खत्म हो, अधिक से अधिक लोगों को कैसे रोजगार से जोड़ा जाए, इस संबंध में एक बेहतर रूपरेखा बननी चाहिए जिससे लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा सके. राज्य में टेक्सटाइल पॉलिसी सहित अन्य रोजगारपरक गतिविधियों के दायरे को बढ़ाया जा रहा है. उक्त बातें मुख्यमंत्री ने सोमवार को रांची के पास ओरमांझी (कुल्ही) में आयोजित चार कपड़ा उद्योग कंपनियों के औद्योगिक इकाइयों के उद्घाटन एवं नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं. (नीचे देखे पूरी खबर)

युवाओं के हुनर को सम्मान दे रही राज्य सरकार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में हुनरमंद युवक-युवतियों की कोई कमी नहीं है. उचित प्लेटफार्म नही मिलने के कारण यहां के युवक-युवतियां रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर भटकते थे. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार की सोच है कि राज्य के युवाओं के हुनर का उपयोग कर उन्हें रोजगार से जोड़ें तथा उनके हुनर को सम्मान दें. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की पॉलिसी है कि झारखंड में कार्यरत विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं में 75% मानव बल राज्य के हों, यह सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योग से जुड़े गतिविधियों को जीवित करने का कार्य किया जा रहा है. लोगों के सहयोग और राज्य सरकार के बेहतर पॉलिसी के तहत अधिक से अधिक निवेश झारखंड में हो यह हमारी सरकार की प्राथमिकता है. राज्य सरकार निरंतर बेहतर कार्य योजना के साथ आगे बढ़ने का काम कर रही है. (नीचे देखे पूरी खबर)

नियुक्ति पत्र पाने वालों में 95% लोग झारखंड के, 80% महिलाएं यह हर्ष का विषय
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि सोमवार को चार टेक्सटाइल कंपनियों के उद्घाटन के साथ-साथ टेक्सटाइल क्षेत्र में काम करने वाले 2,000 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र मिल रहा है. रोजगार पाने वालों में 95% लोग झारखंड के हैं, इसमें 80% महिलाएं शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि घर परिवार में महिलाएं मजबूत होंगी तभी आने वाली पीढ़ी भी सशक्त हो सकेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए बेहतर कार्य योजना के साथ आगे बढ़ रही है. आने वाले दिनों में इन कार्य योजनाओं का रिजल्ट हम सभी के बीच अवश्य दिखेगा. (नीचे देखे पूरी खबर)

रोजगारपरक योजनाओं को धरातल पर उतारने का हो रहा प्रयास
इस अवसर पर उद्योग सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में उद्योग विभाग द्वारा निरंतर रोजगारपरक योजनाओं पर फोकस किया जा रहा है. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वैसे उद्योगों को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है जिनमें अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके. आज इस मंच से 2 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिसमें 80% महिलाएं शामिल हैं. नियुक्ति पत्र पाने वाले महिलाओं में वैसी भी युवतियां भी शामिल हैं, जो लॉककडाउन के पहले तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में काम कर रही थी, राज्य सरकार ने उन्हें अपने गांव-घर अथवा जिलों में ही रोजगार देने का भरोसा दिया था. उन्होंने कहा कि बेहतर टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत आने वाले 6 महीनों में टेक्सटाइल क्षेत्र में काम करने वाले 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है. मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सांकेतिक रूप से कई युवतियों के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण किया. मुख्यमंत्री ने किशोर एक्सपोर्ट्स यूनिट का परिभ्रमण भी किया तथा वहां कार्यरत कर्मियों से उनका हालचाल जाना एवं उत्पादन से संबंधित जानकारी भी हासिल की. इस अवसर पर खिजरी विधायक राजेश कच्छप, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, उद्योग सचिव पूजा सिंघल, निदेशक उद्योग जितेंद्र कुमार सिंह, उपायुक्त रांची छविरंजन, प्रेसिडेंट औद्योगिक क्षेत्र कुल्ही एसोसिएशन दीपक अग्रवाल, ओरिएंट क्राफ्ट लिमिटेड के निदेशक सुधीर ढिंगरा, अरविंद टेक्सटाइल कंपनी के सीईओ अंकुर त्रिवेदी एवं मैट्रिक्स टेक्सटाइल कंपनी के एचआर हेड बीएन झा सहित अन्य नियोक्ता एवं नियुक्ति पत्र पाने वाले युवक-युवतियां तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.




