
जमशेदपुर : शनिवार को विश्व भोजपुरी विकास परिषद के द्वारा गोलमुरी स्थित नामदा बस्ती में भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले स्वर्गीय भिखारी ठाकुर की जयंती मनाई गई. इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी ने कहा कि अखण्ड भारत के महान साहित्यकार भोजपुरी कला के विभूति बिना औपचारिक शिक्षा के समाज के पहरुआ बने स्वर्गीय भिखारी ठाकुर जिनके जीवनी के ऊपर आज भी शोध हो रहा है, जिनके रचनाओं के जरिये तत्कालीन समाज की पीड़ाओं का चित्रण जिस खूबसूरती से इन्होंने कलाकारी किया है. यही खूबी उन्हें अनगढा हीरा कहने लगा था लगभग अपनी हर दूसरी रचना से समाज को कठघरे में खड़ा किया था, उनसे शिक्षा लेने की जरूरत है. समाज को और उनके विचार आज भी काल्पनिक है. (नीचे भी पढ़ें)
इस अवसर पर परिषद के महामंत्री मिथिलेश श्रीवास्तव ने कहा कि उस जमाने में जो स्वर्गीय भिखारी ठाकुर ने आयाम खड़ा कर दिया है, उस पद चिन्हों पर चलने की जरूरत है. उनके गीतों, कविता व लेखनी में समाज को एक दिशा देने का कार्य करता था, लेकिन आज के समय में लोग उस समय के अपेक्षा अब श्लील के जगह समाज को ही अश्लील कर दे रहे है. इससे ऊपर उठकर एक नया समाज का निर्माण करना है तभी भोजपुरी के सच्ची जयंती मनेगी तभी उनको श्रद्धांजलि सार्थक होगा. कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुंन्ना चौबे, सुनील सहाय, महेंद्र पांडेय, भगवान मिश्रा, अप्पू तिवारी, सविता सिंह, साधु शरण लाल, मुरारी सिंह, ललित कुमार, बिनोद सिंह, चन्दा सिंह, ब्रजेश चौबे, निरंजन तिवारी, गुड़िया देवी, ललिता देवी समेत अन्य मौजूद रहे.





