
रांची : राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक को लेकर पंजाब सरकार व कांग्रेस पर निशाना साधा है, वहीं पिछले चार जनवरी को पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा में मनोहरपुर के पूर्व भाजपा विधायक गुरुचरण नायक पर नक्सली हमले को लेकर झारखंड की हेमंत सरकार को आड़े हाथों लिया है. इसके साथ ही राज्य में राजनीति गरमा गयी है. रांची स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में संवाददाताओं से बात करते हुए श्री मरांडी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सिर्फ भाजपा नेता नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री और विश्व के लोकप्रिय नेता हैं. उनकी सुरक्षा में चूक बहुत ही गंभीर मामला है. ईश्वर की कृपा है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी बाल-बाल बच गये. इस घटना के लिए पंजाब सरकार जिम्मेवार है. उन्होंने इसे पंजाब सरकार का अपराध बताते हुए उसमें कांग्रेस की भी मिलीभगत की आशंका जतायी. दूसरी ओर गोइलकेरा में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हुए नक्सली हमले की घटना पर श्री मरांडी ने हेमंत सरकार व पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाया है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के कुछ क्षेत्र में उग्रवादियों की समानांतर पर चल रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी उग्रवादियों से डरे हुए है. अगर डरे नहीं है तो उग्रवादियों पर काबू पाएं. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि वे स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे, जहां से लौटते वक्त पुलिस वालों ने उन्हें चौका के रास्ते से जाने के लिए रोका. उन्होंने इस पर प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि क्या उस जिले की पुलिस डरपोक है. उनके पास तमाम सुविधा होने के बावजूद वे डरे हुए हैं. उन्होंने पुलिसकर्मियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे पुलिस वालों के होने से उग्रवादियों को हौसला बढ़ता है. घटना शाम को हुई थी, उसके दूसरे दिन पुलिसकर्मियों ने शव को घटनास्थल से उठाया. यह भी पुलिस की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति को दर्शाता है. उस जिले में कार्य करने वाली पुलिस इतनी कायर की भांति काम न करे. इसकी सूचना वहां के पुलिस कर्मियों को उसी दिन शाम के वक्त दे दी गयी थी. मुख्य सड़क घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर थी, बावजूद किसी पुलिसकर्मी ने शव को घटनास्थल से नहीं उठाया. बाबूलाल मरांडी ने अपने बयान में सिमडेगा की घटना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राज्य में गुंडा, माफिया और उग्रवादियों की सरकार चल रही है. पुलिस अपना कार्य निडर होकर करे अन्यथा आये दिन घटनाएं होंगी. वहीं उन्होंने बताया कि नवंबर-दिसंबर में हुई घटनाओं के बाद भी उग्रवादी दिन में हथियार लेकर घूमते हैं और पुलिस कुछ नहीं करती है. उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर हेमंत सरकार क्यों चुप है और जिलें में डरपोक व कायर पुलिस को क्यों बहाल कर रही है.












