
रांची : मंगलवार को रांची में सीबीआई की अदालत में बिहार के चर्चित चारा घोटाला मामले में पांचवा फैसला आया है. डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में फैसला सुनाया गया. इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू यादव यादव समेत 99 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से 24 आरोपियों को अदालत में बरी कर दिया है. जबकि लालू यादव समेत 75 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है. इस तरह लालू यादव डोरंडा कोषागार मामले में दोषी करार दिये गये हैं. इस मामले में आज कुछ दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिन्हें अधिकतम तीन साल तक की सजा व जुर्माना लगाया गया है. इनमें 36 दोषी शामिल हैं, जिन्हें आज सजा सुनायी गयी. वहीं लालू यादव की सजा पर 21 फरवरी को सुनवाई होगी. गौरतलब है कि राजद सुप्रीमो लालू यादव समेत सभी आरोषियों के खिलाफ जांच एजेंसी ने 2001 में चार्जशीट दायर की थी और 2005 में चार्ज फ्रेम किया गया था. कोरोना काल में इस मामले में फैसला आने में देर हुई है. सीबीआई की विशेष अदालत में पेश होने के लिए लालू यादव रांची पहुंचे थे. अब तक झारखंड में चारा घोटाले से जुड़े जिन 5 मामलों में लालू यादव व आरोपियों के खिलाफ सुनवाई हुई है, जिनमें से चार मामलों में पहले ही फैसला आ चुका है. उन्हें चाईबासा कोषागार में दो अलग-अलग मामले में सात साल की सजा हो चुकी है. वहीं दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में 5 साल और देवघर कोषागार के मामले में चार वर्ष का सजा सुनाई जा चुकी है. लालू यादव साढ़े तीन वर्षों से अधिक समय न्यायिक हिरासत में गुजार चुके हैं.





