
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर गजराज मेंशन में छगनलाल दयालजी संस के कर्मचारियों से 32 लाख रुपये की लूट के बाद शहर के व्यापारियों में रोष है. मंगलवार को सिंहभूम चैंबर और कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में शहर के सभी व्यापारी सांकेतिक धरने पर सड़क पर बैठ गए. व्यापारी बिष्टुपुर स्थित छगनलाल दयालजी संस के शोरूम के नीचे सड़क पर बैठकर घटना के विरोध में काला बिल्ला लगाकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे है. (नीचे भी पढ़ें)

मौके पर मौजूद सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने कहा कि ऐसे व्यापारियों को सड़क पर बैठना शोभा नहीं देता, पर व्यापारी ऐसा करने को मजबूर हैं. व्यापारी ही टैक्स देकर राज्य के राजस्व में अपना अहम रोल अदा करता है पर आज के समय में व्यापारी वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)
उन्होंने कहा कि एक व्यापारी जब अपनी दुकान में ताला लगाकर घर वापस जाता है तो यह सोचता है कि सुबह उसके दुकान का ताला सही सलामत मिलेगा या नहीं. कहीं भी व्यापारियों को निशाना बना दिया जा रहा है. आज राज्य से सभी व्यापारी दूसरे राज्य में पलायन करने को मजबूर है. प्रशासन विधि व्यवस्था सुधारने में नाकामयाब है. 72 घंटे में अगर पुलिस मामले का खुलासा नहीं करती तो पूरे जमशेपुर में बंद करने का ऐलान किया गया है. इधर घटना के बाद एसएसपी एम तमिल वाणन ने एक टीम का गठन किया है जिसका नेतृत्व डीएसपी सीसीआर अनिमेष गुप्ता कर रहे है. हालांकि पुलिस को मामले में अभी तक कोई लीड नहीं मिली है. पुलिस कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है. (नीचे भी पढ़ें व वीडियो देखें)
इस दौरान उपस्थित विधायक सरयू राय ने कहा कि आज शहर में जिस तरह व्यवसायी वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, उसी तरह हम सभी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. बिष्टुपुर जैसे इलाके में लूट की घटना यह दर्शाती है कि यहां उच्चक्कों का मन बढ़ गया है. दूसरी ओर उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से किसी घटना का उद्भेदन कर अपनी उपलब्धि गिना देती है, लेकिन यह पता नहीं चलता कि लूटी गयी राशि, सामान या गहने की कितनी रीकवरी हुई. इस ओर भी पुलिस को ध्यान देना चाहिए.





