सरायकेला : जिला बाल कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण समिति की तत्परता से राजनगर प्रखंड क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की की शादी टल गई. लड़की ने आगे पढ़ने की इच्छा जताई है. उसके परिवार वालों ने 18 वर्ष से कम उम्र में ही उसकी शादी तय कर दी थी, जिसकी दोनों ओर से तैयारियां भी चल रही थीं. (नीचे भी पढ़ें)
बता दें के राजनगर प्रखंड क्षेत्र की एक किशोरी का विवाह उसके माता-पिता ने तय कर दिया था, जिसके बाद दोनों ओर शादी की तैयारियां भी शुरू हो गई थीं. लेकिन जिला बाल कल्याण समिति को किसी तरह इसकी सूचना मिल गई, जिसका संज्ञान लेते हुए समिति ने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को इसकी जानकारी दे दी. इसके बाद जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी ने बाल विवाह निषेध पदाधिकारी सह राजनगर प्रखण्ड विकास पदाधिकारी डांगुर कोड़ाह को इसके बारे में सूचित करते हुए किशोरी की शादी रुकवाने का निर्देश दिया. इसी क्रम में बीडीओ तत्काल कार्रवाई करते हुए शनिवार को संबंधित परिजनों को हाथों हाथ शादी रोकने के लिए पत्र सौंपा. बाल विवाह निषेध पदाधिकारी सह बीडीओ ने पंचायत के ग्राम सेवक, मुखिया, गांव के वार्ड सदस्य को उनके घर जाकर बाल बिबाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए शादी रोकने के निर्देश दिए. बीडीओ के निर्देश पर वहां पहुंचे पदाधिकारियों को किशोरी ने आगे पढ़ाई करने की इच्छा जतायी, साथ ही प्रशासन को लिखित आवेदन देकर अपनी शादी रुकवाने में मदद की गुहार भी लगाई. उस समय किशोरी के पिता घर में नहीं थे. पदाधिकारियों ने उसकी मां को भी बाल विवाह प्रतिषेध कानून की जानकारी दी, जिसके बाद उसकी मां ने भी उन्हें एक लिखित आवेदन सौंपा जिसमें उसने कानून की जानकारी नहीं होने कारण नाबालिग बेटी की शादी तय करने की बात बताई है. उसने बेटी को अभी और आगे पढ़ाने एवं 18 वर्ष की उम्र से पूर्व शादी नहीं करने की बात भी स्वीकार की.





