जमशेदपुर: साइबर अपराधी लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना कर उनका खाता खाली करने के लिए नित नयी तरकीबें निकालते रहते हैं. कई जमशेदपुर वासी भी इन साइबर अपराधियों का शिकार बन रहे हैं. ऐसी ही एक साइबर ठगी का मामला शहर के राजेंद्रनगर क्षेत्र में सामने आया है, जहां के रहनेवाले विनय कुमार शुक्ल नामक ट्रांसपोर्टर साइबर अपराधियों के हाथों 2.15 लाख रुपये गंवा चुके हैं. साइबर अपराधी ने खुद को वीआर कंपनी का एचआर मैनेजर बताते हुए उनके 2.15 लाख रुपये ठग लिये हैं. श्री शुक्ल ने इस संबंध में साइबर थाने में मामला दर्ज कराया है.
दर्ज प्राथमिकी में पीड़ित ट्रांसपोर्टर विनय शुक्ल ने बताया है कि विगत 10 जनवरी को उनके मोबाइल फोन पर एक मैसेज आया जिसमें मैसेज भेजनेवाले ने खुद को दिल्ली की वीआर कंपनी का एचआर हेड बताते हुए यूट्यूब का सब्सक्रिप्शन बढ़ाना अपना काम बताया. उसने श्री शुक्ल को बताया कि तीन यू ट्यूब चैनल सब्सक्राइब करने पर उनके एचडीएफसी बैंक के खाते में 150 रुपये भेजे जायेंगे. इसके बाद उसने श्री शुक्ल को टेलीग्राम का लिंक भेजा, जिसे खोलने पर उसने उनसे बैंक खाते की विस्तृत जानकारी मांगी एवं कुछ देर बात ही उनके खाते में 150 रुपये आ गये. इसके बाद विनय कुमार शुक्ल को उस व्यक्ति के सही होने का भरोसा होने लगा. इसके बाद उन्हें 1000 रुपये का टास्क भेजा गया, जिसके लिए उन्हें पैसे भी जमा नहीं करने थे. विनय कुमार शुक्ल की ओर से टास्क पूरा होते ही उनके खाते में 1000 रुपये आ गये. इसके बाद वे पूरी तरह आश्वस्त हो गये कि उन्हें टास्क भेजनेवाला गलत आदमी नहीं है. श्री शुक्ल के अनुसार इसके बाद उन्हें चार बार प्री पेड सब्सक्रिप्शन टास्क भेजे गये. टास्क पूरा करने पर उनसे कहा गया कि उन्हें जो रुपये देने पड़ रहे हैं उन्हें लौटा दिये जायेंगे. इस तरह श्री शुक्ल ने एक के बाद एक कर विगत 13 जनवरी तक उसे 2.15 लाख रुपये भेज दिये. उनके खाते से पैसे खत्म हो जाने के बाद श्री शुक्ल ने जब उससे रुपयों की मांग की तो वह उन्हें टालने की कोशिश करने लगा. इसके बाद ठगे जाने का एहसास होने पर वे अपने बैंक पहुंचे एवं घटना की शिकायत की. लेकिन अब क्या हो सकता था. थक-हार कर वे साइबर थाना पहुंचे एवं इस संबंध में एक मामला दर्ज कराया.











