जमशेदपुर : जमशेदपुर के टाटा स्टील के पूर्व सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह हत्याकांड में शुक्रवार को तत्कालीन दंडाधिकारी अखिलेश कुमार तिवारी (वर्तमान में एडीजे लातेहार) एवं अनिल कुमार तिवारी (वर्तमान में परिवार न्यायालय रांची के जज) हैं. इनकी गवाही लातेहार और रांची से विडियो कॉफ्रेसिंग के माध्यम से कराई गयीं. इस दौरान आरोपी विक्रम शर्मा न्यायालय में उपस्थित थे. इन दोनों न्यायिक मजिस्ट्रेट की गवाही से अब तक मामले में कुल 8 लोगों की गवाही हो चुकी हैं.(नीचे भी पढ़े)
आठ लोगों की गवाही होनी बाकि हैं. मामले की सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -1 संजय कुमार उपाध्याय की अदालत ने गवाही के लिए शनिवार को तिथि तय की हैं. गवाह दंडाधिकारियों ने कोर्ट को बताए कि इनकी उपस्थिति में मामले की संदिग्ध अपराधी की पहचान पैरेड घाघीडीह सेंट्रल जेल में हुई थी, जिसमें पीड़ित ने अभियुक्त की पहचान जयराम सिंह को गोली मार कर भाग जाने के रूप में की थी. इस दौरान अभियुक्त विक्रम शर्मा कोर्ट में उपस्थित थे. अदालत के आदेश से आरोपी विक्रम शर्मा को हर तिथि को कोर्ट में उपस्थित होना होगा.(नीचे भी पढ़े)
जयराम सिंह हत्याकांड में कुल 16 गवाह हैं
जमशेदपुर कोर्ट के अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने बताया कि मामले में अबतक 8 लोगों की गवाही हुई हैं. शनिवार को भी मामले गवाही होगी. इस मामले में विक्रम शर्मा के साथ-साथ गैंगस्टर अखिलेश सिंह की भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेशी कराई जा रही हैं. अखिलेश वर्तमान में झारखंड के दुमका जेल में बंद है। वह भी जयराम सिंह हत्याकांड में आरोपी है.
जयराम की 2008 में गोली मारकर कर दी गयी थी हत्या
जमशेदपुर के साकची के पास स्थित बाग-ए-जमशेद के पास टाटा स्टील के सुरक्षा पदाधिकारी जयराम सिंह की हत्या साकची थाना क्षेत्र में 4 अक्टूबर 2008 को गोली मारकर कर दी गयी थी. घटना के बाद जयराम के बेटे के बयान पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. दुर्गापूजा के दौरान 4 अक्टूबर को जयराम सिंह अपनी पोती के साथ जुबली पार्क से मॉर्निंग वॉक कर बाग-ए-जमशेद के पास से घर की तरफ जा रहे थे. इस बीच मोटरसाईकिल पर सवार अपराधियों उन्हें गोली मारकर फरार हो गये थे. घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिये टीएमएच में भर्ती कराया गया था। यहां पर इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गयी थी.




