सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के सरायकेला थाने में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के क्षेत्रीय कार्यालय रांची मंडल प्रबंधक हर्षित सिंह, मंडल प्रबंधक नीरज कुमार, मंडल प्रबंधक डालटनगंज रिशपाल सिंह एवं प्रबंधक (अधिप्राप्ति) बनानी महतो के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 409, 467, 468, 406, 471, 109, 120 बी एवं 34 के तहत मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी शुरू कर दी गई है. बता दें कि इन सभी अधिकारियों के खिलाफ जमशेदपुर एफसीआई के तत्कालीन क्वालिटी प्रबंधन एवं पीईजी (चावल अधिप्राप्ति केंद्र) बीएसडब्ल्यूसी सरायकेला की प्रभारी अनिता केरकेट्टा ने आपराधिक षड्यंत्र रचने, जबरन सरकारी कार्य में गलत करने के लिए बाध्य करने, सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने एवं साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया है. (नीचे भी पढ़ें)
मामला 16 फरवरी 2022 का है. दर्ज एफआईआर में केरकेट्टा ने बताया है कि अनुचित दबाव बनाकर उक्त अधिकारियों द्वारा सुनियोजित षडयंत्र के तहत अनुचित चावल स्वीकृत प्रपत्र बनवाने के लिए दबाव बनाया गया था. उन्होंने आरोप लगाया है कि दिनांक 5 फरवरी 2022 को पीईजी सरायकेला में चावल अधिप्राप्ति के लिए उनका पदस्थापन एक साजिश के तहत किया गया था. क्योंकि मैं एक आदिवासी सामाज की महिला हूं. इस अतिरिक्त प्रभार का एक महिला होने नाते मैखिक रूप से विरोध किया पर मंडल प्रबंधक नीरज कुमार भारतीय खाद्य निगम मंडल कार्यालय रांची के द्वारा षडयंत्र के तहत विचार नहीं किया गया. मात्र एक सप्ताह के बाद दिनांक 16.02.2022 को सुनियोजित षडयंत्र के तहत मिटिंग का दौर शुरू हुआ. जिस मिटिंग महाप्रबंधक (क्षेत्र) हार्षित सिंह, नीरज कुमार भारतीय खाद्य निगम मंडल कार्यालय रांची एवं रिशपाल सिंह, मंडल प्रबंधक भारतीय खाद्य निगम मंडल कार्यालय डालटनगंज के साथ सोलन डागिल, श्याम लाल उरांव, राकेश कुमार सिन्हा एवं अन्य कुछ लोग महाप्रबंधक में कमरे में उपस्थित पाये गये थे. (नीचे भी पढ़ें)
इस मिटिंग में मुझे भी रिशपाल सिंह, मंडल प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम मंडल कार्यालय डालटनगंज के माध्यम से बुलाया गया था. महाप्रबंधक ने मेरी उपस्थिति के लिए निर्देश दिए थे. इस मिटिंग में एक सुनियोजित षडयंत्र के तहत अनुचित कार्य करने के लिए बोला गया. मुझे बताया गया कि तुम्हे अनुचित चावल अधिप्राप्ति बनाना है जो बाद में मिलर के द्वारा जमा किया जायगा. यह भी आश्वासन दिया गया कि सारे उच्च अधिकारी तुमारे साथ है. वे लोग आगे सबकुछ मैनेज करेंगे किसी प्रकार की चिंता नही करनी है. भिन्न- भिन्न प्रकार से समझाने लगे. अनुचित चावल अधिप्राप्ति प्रपत्र बनवाकर महाप्रबंधक अपनी कार्य क्षमता की कमी को छुपाना / पर्दा डालना चाहते थे. इन लोगो की बात सुनकर मैं किंकर्तव्यविमूढ़ हो गयी और कमरे से बाहर निकाल गई. उसके बाद सभी अधिकारी (नीरज कुमार, रिशपाल सिंह एवं श्रीमती बनानी महतो) मेरे पीछे- पीछे आये और समझाने का प्रयास किया. मैं वहाँ से चली गई क्योकि उस वक्त शाम के 08.00 बज रहे थे. अगले दिन नीरज कुमार, रिशपाल सिंह एवं बनानी महतो के फोन आने लगे. फोन नही उठाने पर (व्हाट्एप मैसेज) आने लगा. फोन आने का समय सुबह 07.00 बजे से लेकर रात्रि 11.00 बजे तक असंख्याक फोने आने लगा. बनानी महतो बार- बार महाप्रबंधक का दिशा- निर्देश पर लिखती रही. निरज कुमार एवं रिशपाल सिंह कार्यालय अवधि के बाद भी रात में फोन या व्हाट्एप मैसेज के माध्यम से दबाव देते रहे एवं प्रताडना देना शुरु किया. (नीचे भी पढ़ें)
बाध्य होकर प्रताडना से बचने के लिए मानसिक दबाव में अनुचित चावल अधिप्राप्ति का प्रपत्र बनवाया गया. इस जघन्य अपराध के लिए उनलोग पर अपराधिक कारवाई की उन्होंने मांग की है. उन्होंने एफआईआर में इस बात का जिक्र किया है कि इस अनुचित चावल अधिप्राप्ति प्रपत्र से महाप्रबंधक (क्षेत्र) हर्षित सिंह, मंडल प्रबंधक नीरज कुमार भारतीय खाद्य निगम मंडल कार्यालय रांची, रिशपाल सिंह मंडल प्रबंधक भारतीय खाद्य निगम मंडल कार्यालय डालटनगंज एवं श्रीमती बनानी महतो को लाभ प्राप्त हुआ है. ताकि हेडक्वाटर भारतीय खाद्य निगम मंडल दिल्ली को बताया जा सके कि झारखण्ड के सारे धान का मिलिंग दिनांक 28.02.2022 तक हो चुका है. इस प्रकार ये अधिकारीगण अपने दैनिक कार्य क्षमता की कमी को छुपाने का अनुचित प्रयोग किया है. विदित हो कि मिलर ने दिनांक 28.02.2022 के उपरांत बकाया चावल एफसीआई गोदाम में जमा कर दिया है. जिसका अनुचित चावल अधिप्राप्ति फरवरी 2022 में बनवाया गया है. महोदय यह विदित हो कि निगम के नुकसान की भरपाई करने के लिए मेरे ऊपर दबाब देकर अनुसूचित चावल अधिप्राप्ति बनवाकर मेरे ऊपर 4,53,91,938 (चार करोड तिरपन लाख एकनावे हजार नौ सौ छत्तीस) रुपये का चार्जशीट दाखिल किया गया है, जो बिल्कुल अनुचित एवं बेबुनियाद है. अतः आपसे सादर अनुरोध है कि अनुचित सुनियोजित पडयंत्र के तहत चावल का अनुचित अधिप्राप्ति प्रपत्र बनवाने हेतु एवं मानसिक प्रताडना के लिए उपरोक्त अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कारवाई करने की मांग की है.



