जमशेदपुर : मानव तस्करी के एक मामले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे- चार राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने बुधवार को आरोपी पश्चिम बंगाल के बसिरहाट 24 परगना के अमीर हुसैन को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. अपर लोक अभियोजक राजीव कुमार ने बताया कि मामले में कुल 11 लोगों की गवाही हुई थी. लेकिन पीड़ित लड़कियों की गवाही नहीं होने पर आरोपी को लाभ मिल गया. यह घटना 7 अगस्त 2017 की हैं. (नीचे भी पढ़े)
घटना के दिन हावड़ा – मुम्बई में संख्या 12810 से इन दोनों लड़की को मुम्बई, लेकर जा रहा था. इसी दौरान आरपीएफ के औचक निरीक्षण के दौरान आरपीएफ के डीके दत्ता चाकुलिया से ट्रेन खुलते ही जब वह कोच संख्या आठ में पहुंचा तो देखा की दो लड़की रो रही थी. पूछताछ से दोनों लड़की ने बताया कि उन्हें अमीर हुसैन बेचने के लिए मुम्बई लेकर जा रहे हैं. आरपीएफ ने तीनों से पूछताछ के बाद टाटानगर स्टेशन पर उतार लिए. आरोपी अमीर को जेल भेज दिया और दोनों बांग्लादेशी बहनों को बंग्लादेश भेज दिया गया था.





