जमशेदपुर : दहेज प्रताड़ना और जबरन दवा खिलाकर गर्भपात कराने के एक मामले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर के एडीजे -4 राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने गुरुवार को आरोपी पति राकेश कुमार सिंह, सास पुष्प देवी और ससुर अनिरुद्ध कुमार सिंह को अदालत ने दोषी करार दिया हैं. अदालत ने दोषी तीनों अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया हैं. अदालत ने सजा के बिंदू पर 6 जून को सुनवाई करेगी जबकि अदालत ने आरोपी जेठ शैलेश कुमार सिंह और जेठानी ज्योति देवी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)
लोक अभियोजक राजीव कुमार ने बताया कि इस मामले में कुल सात लोगों की गवाही हुई हैं. 22 अप्रैल 2016 में खुशबू की राकेश के साथ शादी हुई थी. खुशबू का कहना हैं कि 22 अप्रैल 2016 को छोटा गोविंदपुर निवासी अनिरुद्ध सिंह के पुत्र राकेश उर्फ गुलशन के साथ हुई थी, शादी में सात लाख रूपए नकद, कपड़ा और जेवरात दिया गया था. ससुराल पहुंचते ही सास ने सारा जेवरात बैंक में रखने की बात बोलकर कर ले लिए. बात – बात पर उसके साथ मारपीट किया जाता था. पांच लाख रूपए की मांग की जाने लगी. दादी के एकाउंट से एक लाख रूपए निकालकर दिया गया। फिर भी ससुराल वालों की मांग पुरी नहीं हुई.
1 सितंबर 2016 को गर्भपात करने का दिया गया दबाव :
1 सितंबर 2016 को सास, ससुर, जेठ और जेठानी बैठकर गर्भपात करा लेने की सलाह बोला पंडित को दिखाया गया हैं, पेट में पल रही लड़की हैं इस लिए गर्भपात कराने होगा, जेठानी ज्योति देवी ने बोला कि इस घर में बेटा पैदा करना होगा, बेटी के लिए उनकी भी दो बार गर्भपात करवा दिया गया.
विरोध करने पर पति ने रात भर की पिटाई. 5 सितंबर 2016 को सास ने पहले खिलाई गोली, पेट में दर्द होने पर जेठानी ने फिर खिलाई दूसरी दवा की गोली खुशबू ने पुलिस को बताई कि 5 सितंबर को तबीयत खराब होने पर सास ने खिलाई दवा की गोली, गोली खाने के बाद पेट में होने लगी हलचल, तो जेठानी ने दिया दूसरा गोली बोला आराम हो जायेगा. कुछ देर के बाद आंतरिक अंग से निकलने लगी ब्लड, तबीयत बिगड़ी टाटा मोटर्स अस्पताल में किया गया तो पांच दिनो के बाद डॉक्टर ने गर्भपात कर दिया. प्रताड़ित से तंग होकर 16 सितंबर को मायके आ गई.




