जमशेदपुर : टाटा स्टील के बरखास्त अधिकारी विजय कुमार निराला के ट्रेन से कटकर जान देने को लेकर परिवार सदमा में है. उनकी पत्नी के अलावा उनके दोनों बेटे सदमा में है. उनका एक बेटा बंगलुरु की एक कंपनी में काम कर रहे थे. वहां से उनके आने का इंतजार किया जा रहा है. शनिवार को आत्महत्या के बाद जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम करा दिया गया. दूसरी ओर, विजय कुमार निराला के आत्महत्या के बारे में यह बातें सामने आयी है कि वह पहले काफी देर तक उस एरिया में घुम रहे थे. इसके बाद जब मालगाड़ी चलने लगा तो वह बीच में घुस गये. करीब सौ मीटर तक ट्रेन के चक्के में वे लपेटकर जाते रहे. बाद में वह पटरी पर दिखे. (नीचे भी पढ़ें)
वहां मौजूद टेम्पो चालकों ने शव के बारे में जानकारी दी. पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद शव को बरामद किया. पुलिस ने पाया कि उन्होंने कार को बाहर लगा दी थी. उनके पॉकेट से पुलिस ने एपल फोन, गाड़ी की चाभी भी बरामदग कर लिया. टेम्पो चालकों ने पुलिस को बताया है कि दो तीन सप्ताह से लगातार वे आना जाना वहां कर रहे थे. वह बोलते थे कि यात्री उनका आने वाला है. इस कारण वे आ रहे है. टाटा पिगमेंट के सामने खड़ा होने वाले ऑटो चालकों ने उनसे पूछा भी था, पर वो नहीं बताये. अंतत: खाली देखकर उन्होंने आत्महत्या कर ली. उनके कार को बरामद किया गया है.



