
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर मेन रोड के होटल से कूदकर आत्महत्या करने वाले राउरकेला के कारोबारी राहुल अग्रवाल के मामले में नया मोड़ आ गया है. मृतक राहुल ग़ग्रवाल के परिवार ने झारखंड हाईकोर्ट में सीबीआइ जांच के लिए दी गयी याचिका को वापस ले ली है. बचाव पक्ष के वकील आरएस मजुमदार और अधिवक्ता प्रकाश झा की मौजूदगी में सीबीआइ के आवेदन को वापस ले लिया गया. इसके बाद से इस पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है. राहुल अग्रवाल का ही परिवार सीबीआइ की जांच से पीछे हट गया है. इसके बाद से प्रदीप चुड़ीवाला और उनके परिवार पर जो आरोप लगा था, उसमें सकारात्मक बातें सामने आयी है. इससे पहले हाईकोर्ट ने सारे आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी थी. आपको बता दें कि वर्ष 2012 में राहुल अग्रवाल की शादी हुई थी. उसके दो बच्चे भी है. शादी के बाद से प्रदीप चूड़ीवाला की बेटी वर्षा अग्रवाल उसके साथ रहते हुए अलग हो गयी थी. बाद में फरवरी माह में पिता के साथ वर्षा अग्रवाल चली गयी और उसके खिलाफ सोनारी थाना में दहेज प्रताड़ना का एफआइआर दायर कर दिया. इसके बाद पुलिस की मदद से लगातार उस पर दबाव बनाया गया. इस मामले में अब प्रदीप चूड़ीवाला और उसके परिवार को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही थी. इस मामले में पूरे परिवार को जमानत मिल गयी. इसके बाद अब राहुल अग्रवाल के परिवार ने ही सीबीआइ जांच की मांग को लेकर दायर की गयी याचिका को ही वापस ले लिया है. राहुल अग्रवाल ने 5 मई 2022 को बिष्टुपुर मेन रोड के एक होटल से कूदकर अपनी जान दे दी थी. इसके बाद से सनसनी फैल गयी थी और उनके ससुराल पक्ष को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर राहुल अग्रवाल के परिवार ने जमशेदपुर से लेकर राउरकेला तक आंदोलन किया था. इस मामले की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गयी थी. राहुल अग्रवाल के मामले में पुलिस ने एफआइआर दायर होने के बाद आंतरिक जांच की थी, जिसके बाद पुलिस ने प्रदीप चुड़ीवाला और उनके परिवार को क्लिन चिट दे दी थी. इसके बाद अगस्त 2022 को मृतक राहुल अग्रवाल के भाई अंकित अग्रवाल ने सीबीआइ की जांच की मांग को लेकर याचिका दायर किया था. लेकिन मंगलवार को याचिका को वापस ले लिया गया. इसके बाद यह साबित हुआ है कि इस मामले में कहीं न कहीं प्रदीप चुड़ीवाला और उनकी बेटी के अलावा पूरा परिवार बेदाग है.




