
जमशेदपुर : ससुर दीना बेहरा हत्याकांड के मामले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -चार राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने बुधवार को आरोपी दामाद रोहित पासवान को संदेह का लाभ देते हुए आरोप से बरी कर दिया. इस मामले में कुल छह लोगों की गवाही अदालत में हुई थी. बचाव पक्ष के अधिवक्ता पुष्पा कुमारी ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा थी. 20 सितंबर 2020 की रात ससूर के साथ बड़ी बेटी दीपा देवी एवं दामाद रोहित पासवान के साथ झगड़ा हुआ था. गुस्से में आकर दामाद रोहित ने रड से ससुर दीना के कानपट्टी और गाल में रड घूसा कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था. दूसरे दिन सुबह छोटी बेटी सीता सिंह को सूचना मिली कि उनकी पिता जुगसलाई चौक बाजार स्थित गोलछा दुकान के सामने मृत अवस्था में पड़ा हुआ हैं. मृतक की छोटी बेटी सीता सिंह के बयान पर बागबेड़ा थाने में जीजा रोहित के खिलाफ दर्ज कराई गई थी. सीता सिंह ने पुलिस को बताया था कि उनके पिता दीना बेहरा ठेला रिक्शा चलाकर अपना जीवन यापन करता था. पिता उनके घर पर खाना -पीना करता था और रात में ठेला लेकर जुगसलाई चौक बाजार सोने के लिए चले जाते थे. (नीचे भी पढ़ें)
जुगसलाई दुबे मुहल्ला में उनकी बड़ी बहन दीपा और जीजा रोहित रहते थे. 20 सितंबर 2020 की रात किसी बात को लेकर दीपा और रोहित के साथ झगड़ा हुआ था. गुस्से में रोहित ने रड से हमला कर जख्मी कर दिया. घटना की रात साढ़े आठ बजे जख्मी हालत में पिता दीना बेहरा घर पर आकर घटना की जानकारी दिया था. दीपा की बेटी चांदनी ने भी बताया था कि मां के साथ झगड़ा हुआ था. पिता को बागबेड़ा थाना चलकर शिकायत करने को बोला लेकिन पिता ने घर का मामला बोल कर ठेला लेकर चौक बाजार आ गया. दूसरे दिन सुबह पता चला कि पिता की मृत्यु हो गया हैं. शिकायत पर पुलिस ने रोहित पासवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.











