जमशेदपुर : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में आइक्यूएसी की ओर से लगातार दूसरे दिन अनुसंधान पर आधारित कार्यशाला आयोजित हुई. इसमें ‘हाऊ टु पब्लिश इन रेप्युटेड जर्नल्स’ टॉपिक पर आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता कुलपति डॉ अंजिला गुप्ता ने की. अतिथि वक्ता गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के पूर्व कुलसचिव रहे बायो टेक्नोलॉजी के प्रो बीएन तिवारी, प्रॉक्टर डॉ सुधीर कुमार साहू एवं आइक्यूएसी डायरेक्टर डॉ रत्ना मित्रा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यशाला की अध्यक्षता कर रही कुलपति डॉ गुप्ता ने अपने संबोधन में यूनिवर्सिटी को उत्कृष्ट अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प दोहराया. उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए शोध और गुणवतापूर्ण प्रकाशन के लिए यूनिवर्सिटी के सभी प्राध्यापक-प्राध्यापिकाओं से इसके लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आग्रह किया. वहीं मुख्य वक्ता प्रो बीएन तिवारी ने ‘हाऊ टु पब्लिश इन रेप्युटेड जर्नल्स’ टॉपिक पर जानकारी साझा करते हुए विस्तृत प्रस्तुति दी. अनुसंधान क्या है और क्यों आवश्यक है, इससे शुरुआत कर उन्होंने रेप्युटेड जर्नल्स और उसमें प्रकाशन के लिए प्रचलित मानकों और आवश्यकताओं को बारीकी से समझाया. आज के संदर्भ में उन्होंने साहित्यिक चोरी (प्लेगेरिज्म) को मौलिक शोधार्थियों के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए इससे बचने की सलाह दी.(नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने आगाह किया कि नॉन रेप्युटेड जर्नल्स में अच्छे आर्टिकल्स भेजना घातक हो सकता है, क्योंकि कई बार प्रकाशन में देर करते हुए उन आर्टिकल्स को कहीं और किसी और नाम से प्रकाशित कर दिया जाता है. इसके अलावा उन्होंने विभिन्न जर्नल्स के अलग-अलग सबमिशन फॉर्मेट पर भी बात की. कार्यशाला में यूनिवर्सिटी की डीएसडबल्यू डॉ किश्वर आरा, परीक्षा नियंत्रक डॉ रमा सुब्रमण्यम, सीवीसी डॉ अन्नपूर्णा झा, डीओ डॉ सालोमी कुजूर आदि के साथ ही सभी विभागों के प्राध्यापक-प्राध्यापिकाओं ने भी हिस्सा लिया.











