
जमशेदपुर : अल कायदा के आतंकी मो कलीमुद्दीन को तीन साल पहले
2016 में फरार घोषित किया गया था. मानगो के आजादनगर निवासी
और मदरसा संचालक मौलाना मो. कलीम को आतंकवादी निरोधक
दस्ते ने अलकायदा का संदिग्ध बताते हुए फरार घोषित किया था. उसके
घर में पुलिस ने एटीएस के निर्देश पर उस वक्त इश्तेहार चिपकाया था.

उसकी एक कॉपी पर मदरसे में मौजूद उसके भाई का हस्ताक्षर भी कराया गया था. मो कलीमुद्दीन और उसके बेटे की तलाश एटीएस पिछले कई सालों से कर रही थी. कलीम पर अलकायदा के लिए राशि एकत्रित करने और अलकायदा के एक संदिग्ध अब्दुल रहमान कटकी को पनाह देने का आरोप है. सूत्रों के अनुसार जमशेदपुर को अलकायदा ने झारखंड का अपना प्रमुख केन्द्र बनाया था और यहां से ही नियुक्ति प्रक्रिया अपनाई जा रही थी.

ओड़िसा के अब्दुल रहमान कटकी को अलकायदा के रिक्रूटमेंट सेल का प्रमुख बनाया गया था. पहली गिरफ्तारी अब्दुल रहमान कटकी की हुई. इसके बाद जमशेदपुर के अब्दुल सामी, मसूद अहमद और नसीम को गिरफ्तार किया गया. अलकायदा के संदिग्धों में कलीम से पहले मानगो के जाकिरनगर के मो.
अर्शियान, जीशान, अबु सुफियान का सीधे तौर पर नाम आया था.




