पोटका : पोटका प्रखंड अंतर्गत श्रीमद्भागवत कथा समिति हल्दीपोखर ग्राम वासियों के तत्वावधान में ओड़िशा रोड़ पर आयोजित सप्तम दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस गुरुवार को कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. कथा के दौरान पूरे हल्दीपोखर में भक्ति का नजारा देखने को मिल रहा है कथा के दौरान कथा बीच-बीच में भक्तिमय भजन पर महिलाएं विभोर होकर थिरकते नजर आए.कथावाचक पंडित उमाशंकर शुक्ला जी महाराज ने व्यास पीठ पर कथा की शुरुआत भागवत कि मंगलारती के साथ मंगलाचरण करते हुए किया. (नीचे भी पढ़े)

तत्पश्चात कथावाचक ने ध्रुव चरित्र कि कथा, हिरण्यकश्पय का बोध, जड़ भारत की कथा, माता शबरी की कथा एवं भगवान कैसे रिझते हैं आदि प्रसंगों पर वख्यान करते हुए सभी भक्त मंडलियों को अहंकार का पतन, ईश्वर की सर्वव्यापकता, अटल भक्ति का महत्व, वरदानों की सीमा, सत्य की जीत, आंतरिक शक्ति की बखान करते हुए संघर्षों में धैर्य को बनाए रखने की बात कही. उन्होंने बताया ध्रुव चरित्र की कथा हमें दृढ़ संकल्प, अटूट भक्ति और सच्ची संतुष्टि के लिए भौतिक इच्छाओं से ऊपर उठकर ईश्वर पर पूर्ण विश्वास रखने की शिक्षा देती है अडिग निश्चय से कठिन लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है. संसार में मोह ही सभी दुखों और जन्म मृत्यु के चक्र का कारण है.उन्होंने कहा कि इंसान बस कठपुतली भर है जिसे ईश्वर अदृश्य होकर नचा रहे है .आयोजन को सफल बनाने में कमिटी के सभी सदस्य अपना योगदान दे रहे हैं .



