रांची : झारखंड पुलिस को 1485 नये पुलिस वाहन मिले है. इसको शुक्रवार को हरी झंडी दिखाकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रवाना किया. इसके साथ ही उन्होंने झारखंड विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 12 अत्याधुनिक पुलिस थाना के नये भवनों का शिलान्यास भी किया. इस दौरान उन्होंने 636 पेट्रोलिंग वाहन और 849 दोपहिया वाहनों को थानों को सौंपा. इसके तहत जमशेदपुर को कुल 51 वाहन मिले है. इसके अलावा धनबाद, देवघर, बोकारो, हजारीबाग, गिरीडीह, पलामू, गुमला, रांची, दुमका और चतरा जिलो को वाहन मिला है. 12 जो थाना बनाये जा रहे है, उसकी खासियत यह होगी कि एक ही भवन में सभी तरह के काम लोगों का हो जायेगा. ऐसे थाना को प्रयोग के तौर पर बनाये जा रहे है ताकि लोगों को आसानी से अपनी परेशानियों को दूर करने में मदद मिल सके. इस दौरान युवाओं को नियुक्ति पत्र भी मुख्यमंत्री ने सौंपे. (नीचे भी पढे़ं)

इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि नागरिकों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए पुलिस बल का आधुनिकीकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि सरकार संसाधनों की कमी को दूर करने और बेहतर तकनीक, उपकरण और रसद सहायता के माध्यम से पुलिस बल को मजबूत करने के लिए काम कर रही है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे. उन्होंने कहा कि ये युवा आने वाले समय में राज्य की सेवा करेंगे और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पाने वाले युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि नई ऊर्जा और उत्साह के साथ ये युवा पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाएंगे. (नीचे भी पढे़ं)

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है. समाज के हर नागरिक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उन्होंने कहा कि यदि समाज जागरूक और जिम्मेदार हो तो कई अपराध होने से पहले ही रोके जा सकते हैं. प्रशासन और समाज के बीच बेहतर तालमेल से ही सुरक्षित वातावरण बनाया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि कई जगहों पर लोग इतने अनुशासित और जागरूक होते हैं कि चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी बहुत कम दिखाई देती है, फिर भी व्यवस्था बनी रहती है. उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होता है जब नागरिक खुद जिम्मेदारी निभाते हैं और नियमों का पालन करते हैं. समाज और प्रशासन यदि मिलकर काम करें तो राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से लैस करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सके.







