राजनगर: सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराने की कोशिश के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत ने पूरे इलाके में खड़ा कर दिया है. मृतका की पहचान विनीता बानरा के रूप में की गई है. इस घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को राजनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान ने किया. इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग इसमें शामिल हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.प्रदर्शन के दौरान पूर्व सांसद और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था खुद बीमार हो चुकी है. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री केवल औपचारिकता निभा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हो रहा. उन्होंने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि 21वीं सदी में भी अस्पतालों में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव होना सरकार की विफलता को दर्शाता है.भाजपा नेताओं ने इस घटना को महज दुर्घटना नहीं, बल्कि संस्थागत हत्या करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया है कि यह मौत सिस्टम की लापरवाही और बदहाल व्यवस्था का नतीजा है. प्रदेश मंत्री शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन का रवैया और भी चिंताजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है. एफआईआर दर्ज न करना और सच्चाई को छिपाना पीड़ित परिवार के साथ अन्याय है.भाजपा ने सरकार से कई मांगें रखीं. (नीचे भी पढ़े)
पार्टी ने मृतका के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की. इसके अलावा, इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और सख्त सजा देने की भी मांग की गई. प्रदर्शन के दौरान मृतका के पति ने भी इंसाफ की गुहार लगाई.प्रदर्शन के बाद भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा. इसमें घटना की जांच और कार्रवाई की मांग दोहराई गई. इस मौके पर प्रदेश मंत्री शैलेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक अनंत राम टुडू, जिला महामंत्री राकेश मिश्रा, जिला मंत्री सूर्या देवी सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.







