जमशेदपुर : भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव समिति का वनभोज रविवार, 2 फरवरी को टेल्को हुडको पार्क में आयोजित हुआ, जिसमें संगठन को सामाजिक रूप से मजबूत बनाने एवं समाज के गरीबी रेखा के नीचे जी रहे ब्राह्मणों के उत्थान और उनके परिवार को सशक्त बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया. समिति के संयोजक कमल किशोर ने बताया कि भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव समिति वैसे बच्चों, जिन्हें स्कूली शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई हो रही हो, वैसी युवा पीढ़ी, जो समाज की मुख्य धारा से विमुख होकर भटक गई है, उन्हें भी मुख्य धारा से जोड़ना प्राथमिकता रहेगी. साथ ही, समाज को संगठित करने के लिए सभी कठिनाइयों को दूर करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ें तभी समाज का विकास होगा और एक बेहतर समाज की परिकल्पना पूरी करने का कार्य किया जा सकता है. (नीचे भी पढ़ें)

वर्तमान में वामपंथी विचारधारा के लोग या अंग्रेजी सम्राज्य के पालतू विद्वानों ने सदैव ही ब्राह्मणों को नीचा दिखाने का प्रयास किया है लेकिन आज के परिवेश में ब्राह्मणों की प्रतिभा को मौका न मिल पाने के कारण ऐसे ब्राह्मणों का मानसिक शोषण हो रहा है, इससे उबरने का प्रयास करना होगा. कमल किशोर ने कहा कि सनातन धर्म को मानने वाले लोगों के समग्र विकास का कार्य भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव समिति करेगी, साथ सभी जाति वर्ग के गरीब बच्चों की पढ़ाई लिखाई का खर्च भी वहन करने का कार्य समिति करेगी इसकी भी तैयारी करनी है. (नीचे भी पढ़ें)
आज के कार्यक्रम में संगठन की जिला संयोजक मंडली बनाई गई जो समिति का संचालन करेगी. इसमें शिव प्रकाश शर्मा, डीडी त्रिपाठी, रत्नेश तिवारी, विमलेश उपाध्याय, राजेश झा, रवीन्द्र मिश्रा, पप्पू मिश्रा, जुगुन पाण्डेय, अप्पू तिवारी, सुशील पांडे, निखिल तिवारी, वैभव उपाध्याय, संजय तिवारी, संजय उपाध्याय, रविरंजन तिवारी, पवन ओझा, सुनील तिवारी को शामिल किया गया है. समाज के अग्रणी नेता राकेश्वर पांडेय ने कहा कि जब-जब इस सृष्टि को जरूरत पड़ी है ब्राह्मण परिवार ही त्याग करता है, और आगे भी निरंतर करता रहेगा, लेकिन क्या इस सृष्टि के निर्माण में सिर्फ ब्राह्मण ही त्याग करेंगे इस विषय को आज चिंतन करने की आवश्यकता है क्योंकि आज के वर्तमान परिवेश में सिर्फ ब्राह्मण ही उपेक्षा के शिकार हो रहे है और इन्हीं उपेक्षाओं का कारण ढूंढने की आवश्यकता है और मुझे लगता है कि इसका मुख्य कारण है ब्राह्मणों की एकजुटता की कमी, ब्राह्मणों में संस्कार और शिष्टाचार की कमी है. उन्हें दूर करने के प्रयास की आवश्यकता है. (नीचे भी पढ़ें)
इस समिति के माध्यम से ब्राह्मण एकजुटता तो दिखाई पड़ रही है. चूंकि इस समाज के निर्माणकर्ता और संयोजक मंडली त्याग करने में सबसे अव्वल रहे हैं और मुझे खुशी है कि मै भी इस समिति का हिस्सा हूं, आगे मुझे जो भी समिति कहेगी, मैं जिम्मेदारी निभाऊंगा. उन्होंने आज के परिवेश में सभी का संगठित होना आवश्यक बताते हुए कहा कि जब समाज संगठित होगा, आप संगठित होंगे तो आपका विकास होगा आपके संस्कार का विकास होगा आपके शिष्टाचार का विकास होगा तभी इस राष्ट्र का विकास की परिकल्पना पूरी होगी. उस अवसर पर स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें ब्लड शुगर, और ब्लड प्रेशर की जांच की गई.(नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कांग्रेस जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे, भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा, नकुल तिवारी, डीके मिश्रा, राम उदय मिश्रा, दशरथ चौबे, शिव प्रकाश शर्मा, विनोद उपाध्याय, वेद प्रकाश उपाध्याय, डीडी त्रिपाठी, चंद्रशेखर मिश्रा, हरेंद्र मिश्रा, राजेश झा, मुन्ना चौबे, रवीन्द्र मिश्रा, संजय मिश्रा, ददन पांडेय, पप्पू मिश्रा, विजय खान, मनोज मिश्रा, प्रमोद पाठक, प्रमोद तिवारी, संजय तिवारी, अप्पू तिवारी, महेश मिश्रा, ब्यूटी तिवारी, विजय तिवारी, सुभाष उपाध्याय, कामेश्वर पांडेय, आनंदी ओझा, सीपी शुक्ला, अंबुज पांडेय, मुकेश तिवारी, पवन ओझा,बिट्टू मिश्रा, डॉक्टर अजय चौबे, अशोक राय, संजय ओझा, अरुण पांडेय, राजेश ओझा, रंजीत तिवारी, संजीव आचार्य, अविनाश उपाध्याय, निखिल तिवारी, बबलू मिश्रा, के बी मिश्रा, विनीता मिश्रा, सीएल तिवारी, राजेश ओझा, सोनू झा, ओंकार तिवारी, केशव तिवारी समेत सैकड़ो ब्राह्मण शामिल रहे.



