मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिले के मेदिनीनगर स्थित शिवाजी मैदान में पिछले दिनों आयोजित किसान मेले में वीकेएस एग्रीफार्म प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, नदियाइन, हुसैनाबाद ने किसानों के हित में अहम भूमिका निभाई. मेले में वीकेएस एग्रीफार्म प्रोड्यूसर कंपनी ने 25 प्रकार के ऑर्गेनिक व उच्च गुणवत्ता वाले फसल उत्पादों का स्टॉल लगाया, जो किसानों और आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा. इसमें काला आलू, चिया सीड, ब्लैक राइस, रेड राइस, ब्लैक हल्दी, रामदाना, काला नमक किरण राइस, सुगर-फ्री राइस, सोनमती आटा, ब्लैक आटा, पिपरमिंट ऑयल और तुलसी ऑयल जैसे उत्पाद प्रदर्शित और बिक्री के लिए उपलब्ध थे. इन उत्पादों को किसानों के बीच ऑर्गेनिक खेती के महत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पेश किया गया. मेले में उपस्थित झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर एवं कृषि,पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किसान मेला में लगाये गए उक्त स्टॉल की काफी सराहना की. साथ ही कहा कि इससे अन्य किसानों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)
किसान मेले सह कृषि प्रदर्शनी में हुसैनाबाद के प्रगतिशील किसान अशोक मेहता, सुदर्शन सिंह, नवल किशोर, राजकुमार पाल, राजीव सिंह, राजेन्द्र सिंह, कन्हाई राम, राजकुमार यादव, तुकबेरा के कपिलदेव ठाकुर एवं पड़वा के ओमप्रकाश मिश्र सहित अन्य कई किसान उपस्थित थे. पलामू प्रमंडल स्तरीय किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी में वीकेएस एग्रीफार्म प्रोड्यूसर कंपनी के डायरेक्टर प्रियरंजन सिंह को सबसे श्रेष्ठ किसान का पुरस्कार दिया गया. पुरस्कार के रूप में कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार एवं भूमि संरक्षण पदाधिकारी श्याम विन्द द्वारा श्री सिंह को 25 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया. (नीचे भी पढ़ें)
कृषि मंत्री एवं वित्त मंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि झारखंड सरकार किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देगी और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रही है. यह मेला न केवल ऑर्गेनिक उत्पादों को बढ़ावा देने का मंच बना, बल्कि किसानों के लिए नई संभावनाओं और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में प्रेरणास्त्रोत साबित हुआ. झारखंड सरकार और वीकेएस एग्रीफार्म प्रोड्यूसर कंपनी के इस संयुक्त प्रयास से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे ऑर्गेनिक खेती की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं.



