गालूडीह: गालूडीह के बराज डैम में रविवार रात उलदा पंचायत के देवली गांव निवासी राम चंद्र टुडू के पुत्र डोमन टुडू (30) की सड़क हादसे में मौत हो गयी. जिसके बाद सोमवार को आक्रोशित ग्रामीण घटना स्थल पहुंचे. इसके बाद कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार व ग्रेहन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ठेका कंपनी के संवेदक से वार्ता के लिए बराज स्थित स्वर्णरेखा परियोजना कार्यालय पहुंचे. लेकिन लंबे समय तक इंतजार करने के बाबजूद वार्ता के लिए कोई अधिकार नहीं पहुंचे. जानकारी के अनुसार देवली गांव निवासी राम चंद्र टुडू के पुत्र डोमन टुडू रविवार को सब्जी बेचने जादूगोड़ा बाजार गया था. रात को करीब नौ बजे अपने घर देवली लौट रहा था. इस दौरान बराज डैम के उपर रखे बालु से स्किट करने से अनियंत्रित होकर गिर गया. युवक के सिर में गंभीर चोट लगी। सूचना पर गालूडीह पुलिस पहुंची. पुलिस ने गंभीर अवस्था में खून से लथपथ युवक को अनुमंडल अस्पताल ले गया। जहां जांच के बाद चिकित्सक ने युवक को मृत घोषित कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)

पांच लाख मुआवजा व मृतक की पत्नी को मिलेगी नौकरी : सोमवार दोपहर को गालूडीह थाना में एसडीपीओ अजित कुजूर, बीडीओ यूनिका शर्मा, थाना प्रभारी कुमार इंद्रेश, कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार, साइड इंचार्ज प्रभाकर झा, घाटशिला थाना प्रभारी मधुसूदन दे, मृतक के मामा सूदन सोरेन, फुदन सोरेन, चाचा सत्यनारायण टुडू, विधायक प्रतिनिधि जगदीश हांसदा, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष वकील हेंब्रम के बीच वार्ता हुई. वार्ता में पांच लाख रुपये पर सहमति बनी। मृतक की पत्नी काजल टुडू को पांच लाख रुपये मुआवजा राशि और ग्रेहन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ठेका कंपनी में नौकरी देने पर सहमति बनी. उसके बाद मामला शांत हुआ. विभाग एक लाख 50 हजार और संवेदक 3 लाख 50 हजार रुपये देंगे. मौके पर ग्राम प्रधान बीरेश हेंब्रम, मीरगेन हेंब्रम, सुनील हांसदा, बासेत हांसदा, सरत हांसदा, रोहित हांसदा, जगत हांसदा, कुंज पात्र, बीरेंद्र हांसदा आदि ग्रामीण उपस्थित थे. (नीचे भी पढ़ें)
बराज डैम में चल रहा सैंड ब्लास्टिंग पेंटिंग का कार्य – ग्रामीणों का कहना है कि बराज डैम में लापरवाही से सैंड ब्लास्टिंग पेंटिंग का कार्य किया जा रहा है। डैम में कई जगह बालु का ढेर बना बना कर रख दिया गया है. बेरिकेडिंग भी नहीं किया गया है. रात के अंधेरे में बेरिकेडिंग नहीं होने और बालू के ढेर के कारण बाइक स्किट करने से डोमन टुडू की मौत हो गयी. घटना के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गयी. खून से सना बालू को डैम के नीचे फेंका गया है। घटना स्थल पर खून को बालू से ढक दिया गया था. उन्होंने बताया कि बालू के ढेर के कारण राहगीरों की जान सांसत में पड़ गयी हैं। और आए दिन दोपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। लोग मंजिल पर पहुंचने की जगह अस्पताल पहुंच जाते हैं. (नीचे भी पढ़ें)
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल – डोमन टुडू घर का छोटा बेटा था. कुछ साल पहले बड़े भाई दीपेन टुडू की एक दुर्घटना में मौत हो गयी थी. डोमन टुडू के परिवार में पिता राम चंद्र टुडू, मां पानो टुडू, पत्नी काजल टुडू और बेटी पूर्णिमा टुडू, मायरा टुडू दो छोटी-छोटी बेटियां हैं. पत्नी काजल टुडू गर्भवती है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। समाचार लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था.



