रांची : झारखंड की सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का 13वां महाअधिवेशन सोमवार से शुरू हो गया. झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन के नेतृत्व में इसका अधिवेशन शुरू हुआ. मुख्यमंत्री और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन, विधायक बसंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन समेत अन्य सारे झामुमो के बड़े नेता मौजूद थे. तीन दिनों तक चलने वाले इस महाधिवेशन में झामुमो को नये सिरे से विस्तार देने और पार्टी के स्तर पर सारे 24 जिलों में मजबूती प्रदान करने का संकल्प लिया गया. (नीचे भी पढ़ें)

इस दौरान झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन ने कार्यकर्ताओं को पार्टी में समर्पित भाव के साथ काम करने और जनहित में काम करते रहने की अपील की. इस दौरान झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार जनहित में काम कर रही है. भारत के संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती के दिन शुरू हुए झामुमो के दो दिवसीय केंद्रीय महाधिवेशन के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की आदिवासी मूलवासी, गरीब, दलित, पीड़ित, शोषित लोगों से उत्पीड़न से परेशान होकर वर्ष 2019 में डबल इंजन की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था. उन्होंने कहा कि गुरुजी का लगाया पौधा आज बड़ा वृक्ष बन चुका है. सरकार आदिवासी और मूलवासियों को उनका अधिकार दे रही है. आने वाले दिनों में और बेहतर काम होते रहेंगे. (नीचे भी पढ़ें)

भाजपा की सरकार ने आम लोगों को ऐसा त्रस्त कर दिया कि यहां की जनता ने 2024 के चुनाव में फिर से उनको सत्ता से बेदखल कर दिया. तीन दिनों तक चलने वाले सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये जायेंगे. पार्टी का नये सिरे से पुर्नगठन किया जायेगा. इसके बाद केंद्रीय कार्यकारिणी में नये लोगों को जगह दी जायेगी. कल्पना सोरेन को भी नयी भूमिका में उतारा जा सकता है. इस दौरान कई सारे राजनीतिक प्रस्ताव लाया जायेगा, जिसमें परिसीमन, प्राइवेट सेक्टर में 75 फीसदी आरक्षण, सरना धर्म कोड को लागू कराने, 1932 के खतियान को लागू कराना जैसे अहम विषय होंगे. पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का भी संकल्प लिया जायेगा.




