जमशेदपुर : टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट की अधीकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन का कमेटी मीटिंग सोमवार को हुई. इस दौरान पहले से निर्धारित एजेंडा के तहत सबसे पहले दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. इसके बाद एकाउंट को पारित कराया गया. कोषाध्यक्ष आमोद दुबे ने सारे एकाउंट की विस्तृत जानकारी दी. महामंत्री सतीश सिंह ने यूनियन के पिछले कमेटी मीटिंग के मिनट्स को पढ़कर सुनाया. इसके बाद सारे मिनट्स और एकाउंट को पारित कर दिया गया. खचाखच भरे कमेटी मीटिंग करीब सात घंटे तक चली, जिसकी खासियत यह रही कि कमेटी मेंबरों ने खुलकर अपनी बातों को रखा तो लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल करते हुए यूनियन के सारे पदाधिकारियों को भी इस बार बोलने का मौका दिया गया. हालांकि, इस बार टाटा स्टील के लंबित वेज रिवीजन, डीए में बदलाव जैसे मुद्दे के अलावा पीएमएस सिस्टम यानी अप्रेजल व्यवस्था का सभी कमेटी मेंबरों ने जोरदार विरोध किया. इस दौरान सत्ताधारी लोगों को कई कमेटी मेंबरों ने घेरा और कहा कि यह गलत तरीके अपनाये जा रहे है और समझौता की फोटोकॉपी तक नहीं दी जा रही है. पहले तो पहला सवाल पूछने वाले पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय ने इस मुद्दे पर मोर्चा खोला तो कई लोगों ने अरविंद पांडेय का ही विरोध कर दिया कि वे खुद जब डिप्टी प्रेसिडेंट थे तो कई सारे समझौते को सार्वजनिक नहीं किये थे. लेकिन अरविंद पांडेय का कई कमेटी मेंबरों ने अपने सवाल में सत्ता पक्ष को घेरा और समझौता की कॉपी को सार्वजनिक करने की मांग की. इस मीटिंग के दौरान सारे पदाधिकारी बोले, लेकिन डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह उपस्थित होते हुए नहीं बोले. (नीचे भी पढ़ें)

कमेटी मेंबरों ने ये सारे मुद्दे उठाये गये :
पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय ने पहला सवाल उठाते हुए कहा कि यूनिफार्म ग्रेड स्ट्रक्चर को क्यों छिपाया जा रहा है. इसका फोटोकॉपी को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. अप्रेजल सिस्टम पीएसएम को किसी भी हाल में वे लोग बरदाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने बताया कि ऐसा ही कोक प्लांट के बंद हुए बैटरी में चयन किया गया, जिसमें पिक एंड चूज किया गया और कर्मचारियों की छंटनी की गयी. सीआरएम बारा के रवि शंकर उपाध्याय ने कहा कि टीएमएच में ऑपरेशन थियेटर में मरीज को भेज दिया जाता है. अटेंडर को दवा पकड़ा दिया जाता है. यह सिस्टम ठीक नहीं है. पीएसएम सिस्टम को लागू होने नहीं देंगे. क्वार्टर एलाटमेंट सिस्टम को चालू कराये.आइ ब्लास्ट फर्नेस के डी भानु ने कहा कि ग्रेड रिवीजन अच्छा हो. डीए पर प्वाइंट में एनएस ग्रेड का प्वाइंट को बढ़ाया जाये. टाटा स्टील टेक्निकल सर्विसेज और टाटा स्टील की अन्य कंपनियों में कर्मचारियों को भेजा गया है, वह गलत है. टाटा स्टील में जॉब फॉर जॉब लेने वाले को भी तीन रुम का कमरा वाला क्वार्टर भी दिया जाये. एलटीसी को बढ़ाया जाये. टीएमएच में दवा मिलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
टीएमएच के कमेटी मेंबर राकेश कुमार सिंह ने तो जोरदार हमला बोला और सत्ता में आसीन पदाधिकारियों को बोला कि वे लोग मोटा चमड़ा के हो गये है. टीएमएच का आरओ नहीं हो रहा है. उपाध्यक्ष रहते शत्रुघ्न राय टालते रहे और वे रिटायर हो गये. सारे पोजिशन को जीरो कर दिया गया है. इसको देखा जाये. ग्रेड और एलटीसी का बेहतर समझौता कराया जाये. (नीचे भी पढ़ें)
फील्ड मेंटेनेंस के श्याम सुंदर गोप ने कमेटी मेंबरों को चार्जशीट देने का मुद्दा उठाया, जिसका विरोध किया. एलडी 3 के विकास कुमार दास ने कहा कि अप्रेजल सिस्टम पीएमएस को लागू होने नहीं दिया जाये. यूनियन की कमेटी का रजिस्टर बी में दर्ज हो. कमेटी मेंबरों के चार्जशीट की प्रक्रिया को बंद कराया जाये. एनएस ग्रेड का इंक्रीमेंट ठीक किया जाये. वे लोग इंक्रीमेंट से ज्यादा यूनियन का सब्सक्रिप्सन दे देते है. सिक्यूरिटी के रुपेश पांडेय ने कहा कि अप्रेजल सिस्टम पीएमएस को लागू नहीं हो. ग्रेड रिवीजन बेहतर हो. (नीचे भी पढ़ें)
ट्यूब डिवीजन के सरोज सिंह ने कहा कि उनके प्लांट में एक कर्मचारी को चोट लगा. एक अधिकारी ने एलटीआइ को छिपाने के लिए खुद से डामा लेकर अस्पताल से कर्मचारी की छुट्टी करा दिये और उक्त अधिकारी को इंक्रीमेंट भी बेहतर हुआ. इस मामले में अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना चाहिए. जेडीसी को ठीक से चलाने की मांग भी रखी. टीएंडडी विभाग के राकेश कुमार सिंह ने एनएस ग्रेड के कर्मचारियों की समस्या को उठाया. उन्होंने कहा कि एलडी 2 से डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिह आते है, लेकिन वहां एमिनिटीज का दिक्कत है. डीए को फ्रीज किया गया था, उसको सुचारु रुप से एक्टिव किया जाये. डीए की सीलिंग हटायी जाये. पावर सिस्टम के दीप कुमार सिंह ने कहा कि कैंटीन और स्पोटर्स का रेट बढ़ना गलत है. ग्रेड रिवीजन के पहले ही इस तरह रेट बढ़ा दिाय गया है. पावर सिस्टम में नयी कंपनी के माध्यम से काम को आउटसोर्स किया जा रहा है, जिसको रोका जाना चाहिए. (नीचे भी पढ़ें)
एचएसएम के एसएन सिंह ने कहा कि आइबी यहां लंबित है. कैंटीन की समस्या बहुत है, जिसको दूर किया जाये और इपीएस 95 का लाभ दिलाया जाये. कोक प्लांट के राजेश कुमार ने कहा कि यूनिफार्म ग्रेड स्ट्रक्चर समझौता का कॉपी दिया जाये. अप्रेजल सिस्टम पीएमएस किसी भई हाल में लागू नहीं हो. ग्रेड रिवीजन समझौता में एनएस ग्रेड के ऑफिस बियरर को जरूर रखा जाये. सिक्यूरिटी के निलेश कुमार सिंह ने कहा कि वे फाइनांस कमेटी के सदस्य है. कमेटी की बैठक को अखबारों में छख़पा गया, जो गलत है. यूनिफार्म ग्रेड स्ट्रक्चर का फोटोकॉपी दिया जाना चाहिए. कई सरे सिक्यूरिटी के कर्मचारियों को कलिंगानगर भेजा गया है. उनको काफी दिक्कत हो रहा है. हर कर्मचारी को मेल आइडी दिया जाये. टू व्हीलर या फोर व्हीलर अगर खराब होता है तो उसको मुफ्त में टोइंग की सुविधा कंपनी के भीतर दिलायी जाये. (नीचे भी पढ़ें)
फाइनांस व एकाउंट विभाग के ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि ट्रेड अप्रेंटिस टाटा स्टील टेक्निकल में भेजा जा रहा है. यूनिफार्म ग्रेड में सुपरवाइजर को वर्कर बना दिया गया है. वेकेंसी भरा जाये. नन वर्क्स की संख्या को कम कर दिया जाये. कोक प्लांट के सर्वेंदर झा ने कहा कि टॉप थ्री के नीचे के अधिकारियों पर निशाना साधा और कहा कि जब भी सहायक सचिव, कोषाध्यक्ष और उपाध्यक्ष से वे लोग बात करते है तो वो लोग बोलते है टॉप थ्री से बात करें. जब सब काम को टॉप थ्री से ही काम होना है तो सारे पदाधिकारी को इस्तीफा दे दिया जाना चाहिए. उनको क्यों रिलीज किया जा रहा है. कमेटी मेंबरों को चार्जशीट भी दिया जा रहा है, जिसको रोका जाये.
एमइडी विभाग के पवन कुमार सिंह ने बताया कि वन टाटा स्टील की बात जब हो रही है तो वन यूनियन क्यों नहीं हो रहा है. एनएस ग्रेड का मेडिकल बुक डिपेंडेंट का बनाया जाये. मेंटेनेंस का डिपार्टमेंट का पुराना केएसएमएस बिल्डिंग में भेज दिया गया है. इसमें काफी परेशानी हो रही है. इसको देखा जाये.
एलडी वन के हरेराम शर्मा ने कहा कि ट्रेड अप्रेंटिस की बहाली हो. यूनिफार्म ग्रेड स्ट्रक्चर के समझौता का फोटोकॉपी दिलायी जाये. टीए व डीए में हो रहे नुकसान को रोका जाये.
कोक प्लांट के आरसी झा ने कहा कि ऑफिस बियरर वे भी होते थे. सुपरवाइजर यूनिट का विरोध करते थे. नीचे के पदाधइकारी क्यों नहीं गलत चीजों का विरोध करते है. एनएस ग्रेड का एमजीबी 50 फीसदी इस बार ग्रेड रिवीजन में होना चाहिए.
आरएमएम के एसके सिंह ने कहा कि उनके विभाग का डीए फ्रीज हो गया था. नये ग्रेड स्ट्रेक्चर में पुराना ग्रेड को फायदा हुआ. एनएस को नुकसान हुआ है. एनएस और पुराने सीरीज के डीए को बराबर किया जाये.
पावर सिस्टम के तपन कुमार ने कहा कि टीएमएच में बुकिंग नहीं होता है. कंपनी के गेट पर अल्कोहल में खैननी पाने पर भी सात दिन सस्पेंड कर दिया गया है. इसको रोका जाये.
फ्लैट प्रोडक्ट प्लानिंग के कमेटी मेंबर बिमल कुमार ने कहा कि यूनिफार्म स्ट्रक्चर में नुकसान हो रहा है. इंक्रीमेंट नहीं मिल रहा है. एग्रीमेंट का कॉपी मिलना चाहिए. अपना गेट पास पर अपना ही ट्रीटमेंट कराता है तो इएमआइ में पैसा देने की व्यवस्था हो. एलटीसी लंबित है.
एलडी 3 के मृत्युंजय मिश्रा ने कहा कि ट्रेनिंग को लेकर उनको काम से राहत दिलायी जाये. काम के साथ ट्रेनिंग मुश्किल होता है. कैंटीन में कांट्रैक्ट और स्थायी कर्मचारी को एक साथ घुसाने से दिक्कत हो रही है. इसकी कोई व्यवस्था बनायी जाये कि लोगों को आसानी से सारी सुविधाएं मिल जाये.
पदाधिकारियों ने यह बातें कहीं :
टाटा वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव श्याम बाबू ने कहा कि समझौता की कॉपी दिया जाये. हम लोगों को भी नहीं मिल रहा है. मजदूर का बेटा है. प्लांट के भीतर काम करने को तैयार है. हराना होगा तो हरा दीजियेगा. लेकिन समझौता को सार्वजनिक किया जाना चाहिए.
सहायक सचिव अजय चौधरी ने कहा कि समझौता की कॉपी मिले. काम करके छिपाना ठीक नहीं है. हमको सिर्फ काम का बताया गया था, डिटेल नही बताया गया है. पिछले ग्रेड रिवीजन में सैलेरी बढ़ा नहीं है. घट गया है. 2015 में इस यूनियन में छिपा छिपी का चल रहा है. यह बंद होना चाहिए.
उपाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि स्पोटर्स का रेट बढ़ा है. बिना बात किये हुए रेट बढ़ा हैं. कर्मचारी के लिए अच्छा है. हमेशा अध्यक्ष बोलते है कि हाउस गरम होने से समझौता में बेहतर होगा. 2015 में समझौता हुआ था. उसका कॉपी सबको दिया गया था. पीएन सिंह ने किया था तो अभी भी दिया जाये. सारा कॉपी को सार्वजनिक किया जाये.
उपाध्यक्ष शहनवाज आलम ने कहा कि इतिहास यूनियन का स्वर्णिम है. सीआरएम में अप्रेजल सिस्टम पीएमएस पहले लागू हुआ था, जो बाद में वापस हो गया था. यूनियन का संविधान में सारे ऑफिस बियरर का पावर और फंक्शन डिफाइन है. इस कारण कोई भाग नहीं सकता है.
सहायक सचिव नितेश राज ने कहा कि कमेटी मेंबरों का चार्जशीट देना गलत है. कमेटी मेंबर को पहले इतना चार्जशीट नहीं दिया जाता था. हाउस में कमेटी मेंबर कमेटी मीटिंग में अंत तक टिके रहे, उनका धन्यवाद और आभार.
उपाध्यक्ष संजीव तिवारी ने कहा कि ग्रेड रिवीजन या कोई समझौता बिना जानकारी दिये हुए हुआ तो वे लोग नहीं मानेंगे. ऑफिस बियरर का मीटिंग 15 दिन में क्यों नहीं होती है. कमेटी मीटिंग लगातार कीजिये.
कोषाध्यक्ष आमोद दुबे ने कहा कि अभी ऑफिस बियरर को बोलने का मौका है. इस बार सभी की बातें सुनी गयी है. कमेटी मेंबर ऐसा कोई गलत ना करें. समझौता की कॉपी मिले. वेज पर सही नहीं होगा तो विरोध होगा. मर्यादा में रहे.
उपाध्यक्ष राजीव चौधरी ने कहा कि एसएनटीआइ एसएनटीआइ में अभी लोड कम है. ट्रेनिंग अगर किसी का रुका हुआ है तो इसको पूरा कर सकते है.
महामंत्री सतीश सिंह ने कहा कि जॉब फॉर जॉब लेने वाले को दो रुम का बाप बेटा को मिल जाता है. एल 4 मिल जाता है. कमेटी मेंबरों को चार्जशीट मिल रहा है. यह मामला हम लोग तीनों उच्चाधिकारी बात करेंगे. सेफ्टी डिपार्टमेंट का स्पीड वायलेशन होना, शराब को लेकर कार्रवाई करना कंपनी का क्षेत्राधिकार है. उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि इस टर्म में मीटिंग समय पर हो रहा है. सबको बोलने का मौका मिल रहा है. स्पोटर्स का रेट पहले भी बढ़ा है, बिना यूनियन के साथ बातचीत कर ही स्पोटर्स का रेट बढ़ता है. कैंटीन का बात होता रहा है, वह इस बार भी हुआ और सही तरीके से वार्ता कर समझौता हुआ है. उन्होंने कहा कि आगे जो समझौता होगा, सभी पदाधिकारी को बताकर आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे.
अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने कहा कि समझौता की पूरी कॉपी देने की कोई परिपाटी नहीं रही है. इसके तहत ही हम लोग भी कदम उठा रहे है. कई समझौात हुआ है, जिसका कोई कॉपी नहीं मिला है. टाटा स्टील से अलग होकर जुस्को बना, जिसकी कॉपी नहीं मिली. टाटा स्टील सीमेंट से अलग होकर सीमेंट कंपनी बिका, लेकिन वह समझौता का कोई कॉपी नहीं मिला. ट्रेड अप्रेंटिस पहले भी आया है और आगे भी आता रहेगा. अंगुल प्लांट में अप्रेजल का पीएमएस सिस्टम है. इस कारण वहां यूनियन भी नहीं है. लेकिन यहां कोई बातचीत नहीं हुई है. अप्रेजल सिस्टम पीएमएस का हम भी विरोध करेंगे. ग्रेड रिवीजन समय पर भी और संतोषजनक भी हो, दोनों बातें नहीं हो सकती है. समय देना होगा. स्पोटर्स का रेट को लेकर बात करेंगे. कमेटी मेंबरों से एरिया के ऑफिस बियरर बात करें. कैंटीन को लेकर सहायक सचिव नितेश राज ने काबिले तारीफ काम की है. उन्होंने लीडरशिप क्वालिटी दिखायी है और हमारे साथ समन्वय बनाकर रेट को सम्मानजनक बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि होलीडे होम में रिलेटिव को भी ले जाने की इजाजत दी जाये, जिसको लेकर बातचीत होगी. कमेटी मेंबरों को चार्जशीट देने पर पर मैनेजमेंट से चर्चा करेंगे. कंपनी के बिजनेस, सिचुएशन, सस्टेनेबिलिटी, माइंस का चैलेंज है. उन्होंने कहा कि जब रघुनाथ पांडेय अध्यक्ष थे, तब एनएस सीरीज बनायी. लेकिन उसका हमने विरोध किया था, जब डिप्टी प्रेसिडेंट थे. लेकिन यह दूरदर्शिता थी और इसके माध्यम से बहाली का रास्ता खुला. टाटा स्टील सपोर्ट सर्विसेज और टाट स्टील टेक्निकल सर्विसेज कंपनी बनी है जिसके माध्यम से बहाली होगी और लोग वहां भी नौकरी करने के लिए पैरवी करेंगे. रजिस्टर बी में यूनियन की नयी कमेटी का नाम दर्ज नहीं हुई है, जिसका कारण रजिस्ट्रार का तबादला होता रहना हैह. अलकोहल गेट पर पकड़ायेगा तो दो दिन का सजा का प्रावधान है. यह तय है. जॉब फॉर जॉब में कर्मचारियों द्वारा ज्यादा दिनों तक क्वार्टर रखा गया है, जिस पर पैसा मांगा गया है, जिस पर जरूर बातचीत मैनेजमेंट से होगी.




