रांची : झारखंड में अब भी दो लाख 24 हजार 858 मृतकों के नाम पर राशन का उठाव हो रहा है. यह सिलसिला पिछले साल से ही चल रहा है. केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को ऐसे लाभुकों का नाम राशन कार्ड से डिलीट करने का निर्देश दिया है. सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पहले मृतक लाभुकों का सत्यापन किया जाये, अगर लाभुक की मृत्यु हो गयी है, तो उसका नाम राशन कार्ड से हटाया जाये, इसको लेकर राज्य सरकार की ओर से मई माह से कार्रवाई शुरू की गयी है. केंद्र सरकार की ओर से भेजे गये आंकड़ों में मृतक लाभुकों की संख्या 2 लाख 54 हजार 897 बतायी गयी है. केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 10 जिलों में मृतक लाभुकों की संख्या 10 हजार से अधिक है. इनमें सबसे अधिक संख्या (पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर) में है, जहां मृतक लाभुकों की संख्या 22975 है. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, रांची में यह संख्या 21171 है. बोकारो में 9020 मृतक लाभुकों में से 220 के नाम डिलीट किए गए हैं. चतरा में 7110 मृतक लाभुकों में से 4629 के नाम हटाए गए हैं. इसी तरह, देवघर में 8899, धनबाद में 18560, दुमका में 13323, पूर्वी सिंहभूम में 22975, गढ़वा में 7995, गिरिडीह में 13683, गोड्डा में 8519, गुमला में 8459, हजारीबाग में 11191, जामताड़ा में 8916, खूंटी में 5339, कोडरमा में 4747, लातेहार में 5950, लोहरदगा में 5669, पाकुड़ में 9885, पलामू में 13229, रामगढ़ में 5510, रांची में 21171, साहिबगंज में 10658, सरायकेला में 12910, सिमडेगा में 5862, और पश्चिमी सिंहभूम में 15347 मृतक लाभुकों के नाम 30 मई तक डिलीट किए जा चुके हैं. फिलहाल सत्यापन के दौरान पाया गया कि 34480 लाभुकों की मृत्यु हो चुकी है. 30 मई तक इसमें 30039 मृतक लाभुकों का नाम राशन कार्ड से डिलीट भी कर दिया गया है. झारखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े लाभुकों की संख्या दो करोड़ 63 लाख 37 हजार 56 है. मृतक लाभुकों के नाम हटने के बाद इस योजना से लगभग ढाई लाख नये लाभुकों को लाभ मिलेगा. इस योजना से जुड़े परिवार के सदस्यों को सरकार की ओर से मुफ्त राशन प्रदान किया जाता है.



