जमशेदपुर : विश्व पर्यावरण दिवस पर टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क ने अपने मुख्य उद्देश्य को प्राप्त करने और पृथ्वी की रक्षा के आह्वान को आगे बढ़ाने के लिए ज़ू परिसर में सख्त एंटी-लिटरिंग (कचरा न फैलाने) उपाय लागू करने का संकल्प लिया है. अब समय आ गया है कि हम विशेष रूप से छात्र समुदाय को इस दिशा में शिक्षित करें ताकि जैव विविधता के संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके. आइए हम सभी संकल्प लें कि विभिन्न विषय-आधारित शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से पृथ्वी को एक स्वच्छ और हरित स्थान बनाकर रहने योग्य बनाएंगे. (नीचे भी पढ़े)

इस अवसर पर टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क ने “आर्ट इन नेचर” नामक एक ऑन-द-स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें स्कूल और कॉलेज के छात्रों ने भाग लिया. इस आयोजन की शुरुआत सुबह 8:30 बजे हुई। प्रतियोगिता इस वर्ष की थीम “प्लास्टिक प्रदूषण को हराएं” पर आधारित थी. प्रतियोगिता को दो समूहों में बांटा गया था, ग्रुप-ए के लिए उपविषय था, “कम करें, पुन: उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें – एक प्लास्टिक मुक्त भविष्य बनाएं”. ग्रुप-बी के लिए उपविषय था – “प्लास्टिक प्रदूषण को हराएं – विकल्प ही समाधान हैं”.(नीचे भी पढ़े)

धालभूम की एसडीओ शताब्दी मजूमदार पुरस्कार वितरण समारोह की मुख्य अतिथि रहीं. “आर्ट इन नेचर” प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए और विजेताओं को सम्मानित किया गया. प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक जमशेदपुर स्कूल ऑफ आर्ट के वरिष्ठ कला शिक्षक कृष्ण शरण महतो थे. जू के उपनिदेशक और प्रभारी अधिकारी डॉ एम पालित तथा क्यूरेटर डॉ एसके महतो ने क्रमशः स्वागत भाषण और धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. पूरे कार्यक्रम का समन्वयन और संचालन डॉ सीमा रानी, जीवविज्ञानी एवं शिक्षा अधिकारी, टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क द्वारा किया गया. इसमें शहर के कला शिक्षकों – श्री सोमनाथ चौधरी और उज्ज्वल – सहित जूलॉजिकल पार्क कर्मियों की भी सक्रिय भागीदारी रही. विजेताओं में ग्रुप ए में प्रथम दिव्या सामंता, द्वितीय पी सौम्या, तृतीय श्रीखर दत्ता और ग्रुप बी में प्रथम अदीबा रहमान, द्वितीय खुशबू महतो, तृतीय शुभोजीत मंडल रहे.



