आदित्यपुर: कांड्रा की पहचान हरिश्चंद्र विद्या मंदिर पर गिद्ध दृष्टि के विरोध में अब कांड्रा वासी एकजुट होने लगे हैं. रविवार को कांड्रा पंचायत की मुखिया शंकरी सिंह की अध्यक्षता में यूनियन ऑफिस में एक बैठक हुई. आयोजित बैठक में हरिश्चंद्र विद्या मंदिर स्कूल के पूर्ववर्ती छात्रों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने फर्जी ट्रस्ट बनाकर स्कूल पर कब्जा करने का विरोध किया. बैठक में स्कूल के संस्थापक स्वर्गीय हरिश्चंद्र वार्ष्णेय के पौत्र राजकुमार वार्ष्णेय ने कांड्रा की जनता से फर्जी व्यक्ति जितेंद्र नाथ मिश्रा के खिलाफ समर्थन मांगा. राजकुमार वार्ष्णेय ने कहा कि जितेंद्र नाथ मिश्रा ने फर्जी ट्रस्ट बनाकर स्कूल पर कब्जा किया है. जिसका उन्होंने विरोध करते हुए कांड्रा की जनता से आग्रह किया कि वे इस फर्जी व्यक्ति के खिलाफ एकजुट हों और स्कूल को बचाने में मदद करें. बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने राजकुमार वार्ष्णेय के आग्रह का समर्थन किया और फर्जी ट्रस्ट के खिलाफ एकजुट होने का फैसला किया. ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल गलत हाथों में ना जाएं इसके लिए पूरे कांड्रावासी हर तरह से मदद के लिए तैयार हैं. (नीचे भी पढ़े)

फर्जी व्यक्ति जितेंद्र नाथ मिश्रा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की. बैठक में फैसला लिया गया कि ग्रामीण और पूर्ववर्ती छात्र जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल बनाकर जिला प्रशासन से मिलेंगे और फर्जी ट्रस्ट के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करेंगे. इसके अलावा जनप्रतिनिधियों, ग्रामीण और पूर्ववर्ती छात्रों ने राजकुमार वार्ष्णेय से मांग की है कि स्कूल को वापस वार्ष्णेय परिवार के सदस्यों द्वारा एक कमिटी बनाते हुए हरिश्चंद्र विद्या मंदिर को सुचारू रूप से चलाएं. वहीं सभी ने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फर्जी व्यक्ति जितेंद्र नाथ मिश्रा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएंगे. बैठक में मुख्य रूप से कांड्रा पंचायत मुखिया शंकरी सिंह, झामुमो केन्द्रीय सदस्य सुधीर महतो, झामुमो प्रखण्ड उपाध्यक्ष राम महतो, अधिवक्ता राकेश वार्ष्णेय, पूर्व मुखिया होनी सिंह मुंडा, कांग्रेसी नेता प्रकाश कुमार (राजू), मृत्युंजय वर्मन, विजय कुमार श्रीवास्तव, लालबाबू महतो, सतीश कालिंदी, अनिल सिंह (सुबोध), अशोक कुमार सिंह, मनोरंजन नंदी, विद्या सागर दुबे, रंजीत मोदक, संजय वार्ष्णेय, संजीव नंदी, राजेश वर्मा, उत्तम मंडल, रति लाल मंडल, देवाशीष महतो, ईश्वर चन्द्र भुई, राजकिशोर महतो, विशाल यादव, विजय कुमार साव, प्रदीप कुमार(गुड्डू), विपिन कुमार वार्ष्णेय के अलावा सैकड़ों की संख्या में कांड्रावासी उपस्थित थे. ऐसे में सवाल ये उठने लगा है कि आखिर स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस गंभीर मामले में चुप क्यों बैठी है.




