जमशेदपुर : खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा ने टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन से मुलाकात की. इस मौके पर टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कारपोरेट सर्विसेज (वीपी सीएस) डीबी सुंदररमम और टाटा वर्कर्स यूनियन के उपाध्यक्ष शहनवाज आलम मौजूद थे. इस मौके पर उनके साथ कई मुद्दों पर चर्चा की गयी. सांसद ने टाटा स्टील के एमडी से अपील की कि वे लोग खूंटी क्षेत्र के विकास में उनकी मदद करें और भगवान बिरसा मुंडा के जन्मस्थली का विकास में अपनी भूमिका निभाये. सीएसआर के तहत कई काम करने की अपील भी की. सांसद कालीचरण मुंडा ने खूंटी लोकसभा क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा करते हुए औद्योगिक सहयोग और सीएसआर (कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) के तहत विकास कार्यों में सहयोग की अपील की. (नीचे भी पढ़ें)
सांसद ने बताया कि खूंटी लोकसभा आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, कौशल विकास और आधारभूत संरचना की भारी कमी है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति और लंबे समय तक उपेक्षा के कारण यह इलाका अब भी देश के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी पिछड़ा हुआ है. श्री मुंडा ने टाटा स्टील के एमडी से आग्रह किया कि वह अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के तहत खूंटी, सिमडेगा, खरसावां, तमाड़, तोरपा, कोलेबिरा, कुचाई एवं अड़की जैसे दूरदराज़ प्रखंडों में शिक्षा केंद्र, स्वास्थ्य सेवा, छात्रावास, पेयजल योजनाएं और कौशल विकास कार्यक्रम प्रारंभ करे. (नीचे भी पढ़ें)
सांसद ने विशेष तौर पर यह भी प्रस्तावित किया कि टाटा समूह की ओर से एक आदिवासी कौशल प्रशिक्षण संस्थान (ट्राइबल स्किल डेवलपमेंट इंस्टीच्यूट) की स्थापना की जाए, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण मिल सके और पलायन को रोका जा सके. टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन ने सांसद की बातों को गंभीरता से सुना और कंपनी की ओर से यथासंभव सहयोग का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि टाटा समूह हमेशा से झारखंड के विकास के प्रति प्रतिबद्ध रहा है और आदिवासी क्षेत्रों के सतत विकास में अपनी भूमिका निभाने को तत्पर रहेगा.



