रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : बंदगांव प्रखंड अंतर्गत लांडुपदा पंचायत के मतकमबेड़ा गांव में भारतीय जनता पार्टी की ओर से हुल दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. भाजपा के बूथ अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य अगस्त बोदरा की अध्यक्षता में आयोजित उक्त कार्यक्रम में हुल दिवस के महानायक वीर सिद्धू-कान्हू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई एवं देश की आज़ादी के पहले संग्राम में उनके ऐतिहासिक बलिदान को याद किया गया. इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक षाड़ंगी तथा भाजपा नेत्री मालती गिलुआ उपस्थित रहे. (नीचे भी पढ़ें)
अपने संबोधन में श्री षाड़ंगी ने कहा कि 30 जून 1855 को जब अंग्रेजों के शोषण, अत्याचार और जमींदारी प्रथा से तंग आकर संथालों ने विद्रोह का बिगुल फूंका, तब वीर सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव के नेतृत्व में शुरू हुई यह लड़ाई भारत की पहली संगठित जनक्रांति थी. आजादी की लौ सबसे पहले जंगलों से जली, जिसे हम कभी नहीं भूल सकते.’ उन्होंने कहा कि आज जरूरत है इस संघर्ष की भावना को आत्मसात करने की, जिससे आनेवाली पीढ़ियां अपने इतिहास को जानें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों. कार्यक्रम में सभी ने वीर शहीदों की कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने देने एवं समाज के हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा केलिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया. कार्यक्रम में भाजपा नेता पवन पाण्डेय, ललित गिलुआ, पंचायत मुखिया कुश पुर्ती, शिवलाल रवानी, गौतम रवानी आदि सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे.



