जमशेदपुर : झारखंड एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी एवं जमशेदपुर एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 19 एवं 20 जुलाई को जमशेदपुर में पूर्वी भारत का चौथा एवं झारखंड का पहला सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है. आयोजन समिति की ओर से बाराद्वारी स्थित डॉ आरके अग्रवाल के क्लिनिक ‘हेल्थ मेट’ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ सुधीर मिश्रा, डॉ प्रीति श्रीवास्तव, टीएमएच के विभागाध्यक्ष डॉ संजय तांती, डॉ आरके अग्रवाल, डॉ जॉय भादुड़ी, डॉ एएम सिन्हा, डॉ मिथिलेश कुमार एवं डॉ एकता अग्रवाल ने उक्त जानकारी दी. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने बताया कि ‘न्यूरोपेडिकॉन’ नाम से आयोजित हो रहे उक्त सम्मेलन से पूर्व शुक्रवार, 18 जुलाई को दो कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं. ‘ईईजी’ एवं ‘मानसिक विकास से संबंधित बीमारियां’ विषय पर आयोजित हो रही ये दोनों कार्यशालाएं प्रायोगिक प्रशिक्षण की दृष्टि से उपयुक्त एवं महत्वपूर्ण अवसर होंगी. इन कार्यशालाओं से जमशेदपुर एवं झारखंड के शिशु रोग विशेषज्ञों को बच्चों की मानसिक विकास से संबंधित बीमारियों की जल्द पहचान एवं उनके संबंध में उपयुक्त सलाह देने में मदद मिलेगी और बच्चों के इलाज में अधिक अच्छे परिणाम मिलने की संभावना बढ़ेगी. (नीचे भी पढ़ें)
इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘बिल्डिंग नेटवर्क्स : ब्रिजिंग गैप्स’ रखा गया है, जिसमें मिर्गी, दिमागी बुखार, बच्चों के गति विकार, ऑटिज्म, एडीएचडी आदि बीमारियों की समीक्षा एवं चर्चा होगी. इस सम्मेलन में पूरे पूर्वी भारत के 200 से अधिक चिकित्सकों के भाग लेने की संभावना है. सम्मेलन के मुख्य वक्ताओं में बाल चिकित्सा एकेडमी के अध्यक्ष डॉ बसंत खलातकर, बाल विकास से संबंधित रोगों के अंतरराष्ट्रीय ख्याति के चिकित्सक डॉ समीर दलवाई, एओवीएन के सचिव डॉ विनीत वानखेड़े, बाल मस्तिष्क एकेडमी के उपाध्यक्ष डॉ सुदीप साहा, बाल चिकित्सा एकेडमी के उपाध्यक्ष डॉ प्रशांत सघोष, पूर्वी भारत बाल मस्तिष्क अकादमी की अध्यक्ष डॉ सस्मिता देवी अग्रवाल, पूर्वी भारत बाल एकेडमी के अध्यक्ष डॉ संजीव देववर्मा एवं झारखंड बाल एकेडमी के अध्यक्ष डॉ राजीव मिश्र शामिल रहेंगे. जमशेदपुर एवं झारखंड के चिकित्सकों के लिए यह सम्मेलन विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ सहयोग बढ़ाने का सुनहरा अवसर प्रदान करने वाला साबित होगा.



