जादूगोड़ा : यूसिल अधिकारी डॉ विपिन कुमार शर्मा को आइआइटी तिरुपति से केमिकल इंजीनियरिंग ने पीएचडी की उपाधि से प्रदान की है. डॉ विपिन कुमार शर्मा वर्तमान में यूसिल में अतिरिक्त मिल अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं. उनके शोध ने औद्योगिक संचालन में कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान किया है, जो वर्तमान की जलवायु-सचेत दुनिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. दीक्षांत समारोह में कॉग्निजेंट के सह-संस्थापक और क्रेआ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लक्ष्मी नारायणन; आइआइटी तिरुपति के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष और जेएसडब्ल्यू समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सज्जन जिंदल, आइआइटी तिरुपति के संस्थापक निदेशक डॉ कालिदिंडी एन. सत्यनारायण सहित कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. डॉ. शर्मा ने अपनी शैक्षणिक उपलब्धि भगवान तिरुपति और अपने माता-पिता, श्री राजेंद्र कुमार शर्मा और श्रीमती हेमलता शर्मा, और अपनी दोनों बहनों को समर्पित किया है. उन्होंने अपनी शोध यात्रा के दौरान यूसीआइएल और आइआइटी तिरुपति, दोनों का अटूट सहयोग के लिए हार्दिक आभार जताया है. (नीचे भी पढ़ें)
एसआरएम विश्वविद्यालय, तमिलनाडु से स्वर्ण पदक विजेता, डॉ शर्मा को उनकी शैक्षणिक और व्यावसायिक उत्कृष्टता के लिए पहले भी कई गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें आंध्र प्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण एवं वन तथा विधि एवं न्याय मंत्री शामिल हैं. 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ डॉ शर्मा ने परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत यूरेनियम अयस्क प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इस कार्यक्रम में टी सुनील कुमार, अंकी रेड्डी कथा, केएसएमएस राघव राव, शशिधर गुम्मा, एम नबील, अनिल वीर, नरेंद्र सिंह, नीलेश चौधरी, त्रिविक्रम नल्लामिल्ली, गौरीप्रसन्न रॉय, शहाबुद्दीन एमएम, विवेक गुप्ता, मंजय कुमार, राहुल सिन्हा, अमरेंद्र कुमार गुप्ता, सत्यम श्री और एम. सेल्वा कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति और शुभचिंतक उपस्थित थे. डॉ. शर्मा की यह उपलब्धि स्थायी औद्योगिक प्रथाओं और वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी. डॉ शर्मा को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाइयों का तांता लग गया है.



