नयी दिल्ली: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने 12 हजार कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बनाई है. यह आंकड़ा कंपनी के कुल वर्कफोर्स का करीब 2 फीसदी है. कंपनी के अनुसार, जिन कर्मचारियों के कौशल अब कंपनी की बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें हटाया जाएगा. हालांकि, फिटे ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है.फिटे ने कहा है कि टीसीएस किसी वित्तीय संकट में नहीं है. कंपनी मुनाफे में चल रही है. इस दौरान कर्मियों की छंटनी करना केवल लाभ बढ़ाने की कोशिश है. कर्मचारियों को जबरन इस्तीफा देने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए. फोरम ने प्रभावित कर्मचारियों को यह सलाह दी है कि स्वेच्छा से इस्तीफा न दें. हर संवाद (ईमेल, कॉल, मीटिंग नोट्स) दर्ज करें. (नीचे भी पढ़े)
जबरन इस्तीफे की स्थिति में अपने राज्य के श्रम आयुक्त के पास शिकायत दर्ज करें. इधर टीसीएस के इस फैसले के कारण सोमवार को शेयर बाजार में खासतौर पर आईटी सेक्टर के स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई. सोमवार को दोपहर 3 बजकर 12 मिनट पर टीसीएस के शेयर 1.76 फीसदी गिरकर 3080 रुपये, एचसीएल टेक के शेयर 1.60 फीसदी गिरकर 1466.30 रुपये और विप्रो के शेयर 3.55 फीसदी गिरकर 250 रुपये पर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप आईटी स्टॉक्स में दबाव देखने को मिल रहे हैं. वहीं सेंसेक्स 564.44 अंक फिसलकर 80886.83 के लेवल पर ट्रेड कर रहा है. वहीं निफ्टी 159.90 अंक टूटकर 24676.65 के लेवल पर करोबार करता नजर आ रहा है. टीसीएस की पहली तिमाही में रेवेन्यू में 3.3% की गिरावट आई है. वहीं अंतरराष्ट्रीय बिक्री भी 0.5% घटी है. रिपोर्ट के अनुसार, उपकरण और सॉफ्टवेयर लागत घटकर बिक्री का 1.14% रह गई है. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने टीसीएस पर ‘खरीद’ की सिफारिश बरकरार रखी है और 3,850 का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है. यानी मौजूदा स्तर से 14% बढ़त की संभावना है.



