जमशेदपुर : जमशेदपुर के सिदगोड़ा सूर्य मंदिर समिति की ओर से श्रावण माह के उपलक्ष्य में सोमवार को संध्याकाल में बनारस के प्रख्यात गंगा घाट की तर्ज पर आयोजित महाआरती में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. आसमान से बरसते बादलों के बीच विश्व विख्यात बनारस के गंगा आरती की तर्ज पर आयोजित महाआरती में श्रद्धालुओं की विशाल भीड़ मौजूद रही. झमाझम बारिश के बावजूद सभी भक्त आरती में तल्लीन दिखे. सोमवार शाम से हो रहे बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डिगी नहीं और सभी पूरे भक्तिभाव और उत्साह के साथ आरती में मगन रहे. (नीचे भी पढ़ें)

इस भव्य महाआरती को देखने के लिए सिदगोड़ा समेत आसपास के क्षेत्र के हजारों लोग सम्मिलित हुए और मां गंगा की आरती में शामिल होकर उनका आशीर्वाद लिया. सूर्य मंदिर के छठ घाट के अविरल छल-छल करते जल के बीच आयोजित महाआरती का भव्य और दिव्य दृश्य बहुत मनोरम लग रहा था. महाआरती में पूर्व मुख्यमंत्री सह सूर्य मंदिर समिति के मुख्य संरक्षक रघुवर दास, संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह मुख्य रूप से शामिल हुए. बनारस से आये पंडितों एवं जमशेदपुर के 15 सदस्यीय पंडितों के समूह ने भक्ति से ओतप्रोत एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महाआरती की. बनारस से आये पंडितों ने बनारस के गंगा घाट के जैसे आरती प्रारंभ की तो लोग बस देखते ही रह गए. इस दौरान भक्ति और आस्था का विहंगम नजारा देखने को मिला. घंट- घड़ियाल व शंख ध्वनि के बीच महाआरती के स्वर से पूरा वातावरण झंकृत हो गया. (नीचे भी पढ़ें)

एक घंटे तक चली महाआरती के दौरान भोलेनाथ के जयकारे से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा. इस दौरान पूरे विधि-विधान के साथ छठ घाट के बीच में मौजूद महाशिवालाय की भव्य एवं दिव्य महाआरती की गयी. शंख, डमरू, घरीघंट की ध्वनि के बीच आतिशबाजी कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हुए. श्रद्धालुओं ने कहा कि आज हमें माँ गंगा और भगवान भोलेनाथ के साथ इंद्रदेव का भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ. (नीचे भी पढ़ें)
गंगा आरती आयोजन के प्रभारी एवं मंदिर समिति के महासचिव अखिलेश चौधरी ने कहा कि सूर्य मंदिर समिति के तत्वावधान में काशी के गंगा घाट की तर्ज पर महाआरती सम्पन्न हुई. शाम से हो रही बारिश के बीच काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाआरती में भाग लिया. आरती के दौरान झमाझम बारिश से ऐसा प्रतीत हुआ कि भगवान इंद्रदेव भी सभी भक्तों को आशीर्वाद देने आए हैं. वहीं, उन्होंने आरती में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार जताया. इस दौरान सूर्य मंदिर के सभी पदाधिकारियों के साथ कई वरिष्ठ सदस्यगण मौजूद रहे.




