सरायकेला: सरायकेला खरसावां जिले के किता गांव में मंगलवार की अहले सुबह करीब 6 बजे झुंड से बिछड़ा एक जंगली हाथी घुस गया. हाथी के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में दहशत का माहौल हो गया. आनन फानन में ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग और सरायकेला थाना को दी. सूचना पर सरायकेला थाना तो घटना स्थल पर पहुंच गई, लेकिन सूचना देने के तीन घंटे बाद भी समाचार लिखे जाने तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची. वन विभाग की इस निष्क्रियता से यह साफ प्रतीत होता है कि विभाग किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है. इधर हाथी के गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने हो हल्ला करते हुए हाथी को आबादी वाली जगह से बाहर निकाल दिया. (नीचे भी पढे़ं)

ग्रामीणों को देखकर हाथी भी भयभीत हो गया और गांव से बाहर निकलकर वहीं घूमने लगा. मौके पर पहुंची पुलिस ने गांव वालों को हटाया, उसके बाद हाथी किता से पाटाहेसल जाने वाले रास्ते में सरकारी विद्यालय के आसपास जाकर रुक गया है. विद्यालय के समीप हाथी के रहने से स्कूली बच्चों के लिए भी खतरा बन गया है. समाचार लिखे जाने तक सरायकेला थाना की पुलिस अपने प्रयास से हाथी को भगाने की कोशिश कर रही है और वन विभाग के अधिकारी कान में तेल डालकर चैन की नींद सो रहे हैं. वन विभाग की इस लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश है और वन विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं. देखना यह है कि वन विभाग कब तक अपनी जिम्मेदारी को समझता है और हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल में पहुंचाने के लिए कदम उठाता है.



