जमशेदपुर : जुगसलाई श्री राजस्थान शिवमंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सर्वप्रथम यजमान पं बलराम शर्मा ने ब्यासपीठ की पुजा की. इसके बाद आज की कथा वाचक आचार्य मोहित दुबे ने मनुष्य जीवन में सत्य को ही सबकुछ बताया. कथा के महत्व पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में जितना हो सके अधिक से अधिक कथा का श्रवण करें, क्योंकि कथा ही जीवन को बदल सकती है. (नीचे भी पढ़ें)

आगे कथा पर बोलते हुए श्री दुबे ने कहा कि धर्म की स्थापना करने के लिए ही भगवान् इस धरती पर अवतरित होते हैं. इस प्रसंग में उन्होंने भगवान विष्णु के चौबीस अवतारों की विस्तार से जानकारी दी एवं भगवान् की निष्काम पूजा करने को कहते हुए कहा कि भगवान् से अपने लिए भगवान् को ही मांग लो, सब कुछ स्वत ही प्राप्त हो जाएगा. उन्होंने वेदब्यास एवं सुखदेव की कथा के प्रसंग का विस्तार पूर्वक वर्णन किया एवं कहा कि भागवत् पुत्र को नहीं, पात्र को देनी है, जिसने काम और क्रोध को जीत लिया हो. (नीचे भी पढ़ें)

राजा परीक्षित, अस्वत्थामा, पांडवों, दुर्योधन, द्रौपदी के साथ ही भगवान् श्री कृष्ण और अर्जुन के लीला प्रसंगों पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा की एवं भीष्म पितामह के जीवन पर भी प्रकाश डाला. उधर आज कथा के दौरान प्रस्तुत सुंदर झांकियों में राजा परीक्षित एवं सुखदेव जी की झांकियां शामिल रहीं. कथा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में श्री राजस्थान शिवमंदिर के अध्यक्ष छीतरमल धूत के साथ अरुण अग्रवाल, दीपक अग्रवाल रामुका, सांवरलाल शर्मा, पवन सिंगोदिया, पवन काबरा, अजय विजय सरायवाला, कमल किशोर अग्रवाल, कैलाश अग्रवाल, विश्वनाथ शर्मा, सीताराम भरतिया, सुशील सर्वा, संजय गुप्ता, राजेश आदि शामिल रहे.



